ration card – घर में शहनाई बजी हो या किलकारी गूंजी हो, खुशी दोगुनी होती है। पर इसके साथ एक छोटा-सा काम भी जुड़ जाता है: राशन कार्ड में नए सदस्य का नाम दर्ज कराना। नाम न चढ़े तो उस सदस्य के हिस्से का राशन अटक सकता है। इसलिए चलिए, सीधी-सादी बोली में समझते हैं कि बिहार में यह काम कैसे निपटाएं।
पहले बुनियादी बात
बिहार में राशन कार्ड की सेवाएं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग देखता है। अगर आपके कार्ड में परिवार का कोई सदस्य छूट गया है, जैसे बच्चा या पत्नी, तो विभाग की तय प्रक्रिया के हिसाब से उसका नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया जा सकता है। कई जगह यह आवेदन ऑनलाइन भी हो सकता है।
ये लोग जुड़वा सकते हैं नाम
- शादी के बाद घर आई पत्नी या बहू
- परिवार में जन्मा नया बच्चा
- कोई पात्र सदस्य, जिसका नाम पहले कार्ड से छूट गया था
नाम पहले से किसी और कार्ड में हो तो?
यह पेच शादी के बाद सबसे ज्यादा फंसता है। बहू का नाम अक्सर मायके के राशन कार्ड में चढ़ा होता है। ऐसे में पहले उस पुराने कार्ड में बदलाव कराना पड़ता है, यानी वहां से नाम हटवाना होता है। इसके बाद ही नए कार्ड में नाम आ सकता है। तो ससुराल में आवेदन करने से पहले मायके वालों से यह काम करवा लीजिए, वरना आवेदन लटक सकता है।
कौन-से कागज चाहिए?
- आपके परिवार का मौजूदा राशन कार्ड
- जिसका नाम जुड़ना है, उसका आधार कार्ड
- शादी के बाद नाम जोड़ना हो तो विवाह प्रमाण पत्र
- बच्चे के मामले में जन्म प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- विभाग की तरफ से मांगे गए दूसरे कागज
हर मामले में सारे कागज जरूरी नहीं होते। इसलिए आवेदन के समय आधिकारिक पोर्टल पर जो सूचना दिखे, उसी को अंतिम मानिए।
आवेदन कैसे करें?
पहला कदम: बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलिए।
दूसरा कदम: राशन कार्ड की ऑनलाइन सेवाओं या आवेदन वाले विकल्प को देखिए। जरूरत लगे तो आरसी ऑनलाइन पोर्टल, यानी rconline.bihar.gov.in पर भी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देख लीजिए।
तीसरा कदम: जांचिए कि मौजूदा कार्ड में सदस्य जोड़ने या सुधार करने का विकल्प मौजूद है या नहीं।
चौथा कदम: सुविधा मिल जाए तो निर्देशों के मुताबिक फॉर्म भरिए। नए सदस्य का नाम, जन्मतिथि, परिवार के मुखिया से रिश्ता और बाकी जानकारी बिल्कुल सही लिखिए।
पांचवां कदम: जरूरी कागज अपलोड कीजिए। जमा करने से पहले हर जानकारी एक बार फिर पढ़ लीजिए।
छठा कदम: आवेदन जमा होने पर जो पावती या आवेदन संख्या मिले, उसे संभालकर रखिए। नाम जुड़ा या नहीं, यह विभाग की जांच और मंजूरी के बाद ही पक्का होता है।
सावधान रहिए: हर विकल्प पर भरोसा न करें
एक अहम बात। स्मार्ट पीडीएस 2.0 पोर्टल पर बिहार के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए नाम जोड़ने की सुविधा होने की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। यानी यह मानकर मत चलिए कि हर पोर्टल पर यह बटन मिल ही जाएगा। पहले आधिकारिक पोर्टल पर देख लीजिए कि मौजूदा प्रक्रिया क्या है। ऑनलाइन विकल्प न दिखे तो राशन कार्ड कार्यालय से सीधे जानकारी ले लीजिए।
आवेदन की हालत कैसे जानें?
आवेदन के बाद आधिकारिक पोर्टल पर “Application Status” या “Track Application” जैसा विकल्प देखिए। अगर वह मौजूद है, तो आवेदन संख्या डालकर स्थिति देख लीजिए। स्टेटस न दिखे या नाम अपडेट न हो, तो पावती लेकर संबंधित राशन कार्ड कार्यालय पहुंच जाइए।
कुछ आम सवाल
बच्चे का नाम कैसे जुड़ेगा? जन्म प्रमाण पत्र और बाकी जरूरी कागज तैयार रखिए, फिर विभाग की तय प्रक्रिया से आवेदन कीजिए।
क्या पत्नी का नाम जुड़ सकता है? हां, लागू नियमों के अनुसार आवेदन हो सकता है। अगर नाम पहले से किसी दूसरे कार्ड में दर्ज है, तो उस रिकॉर्ड में बदलाव करना पड़ सकता है।
आवेदन कहां करें? बिहार के आधिकारिक ईपीडीएस और आरसी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं देखिए। सुविधा न मिले तो राशन कार्ड कार्यालय से पूछिए।
कितना वक्त लगेगा? यह विभाग की जांच और मंजूरी पर निर्भर है। पक्की समय-सीमा जाननी हो तो संबंधित कार्यालय से संपर्क कीजिए।
यह काम मुश्किल नहीं है, बस सही कागज और थोड़ी सावधानी चाहिए। सही पोर्टल चुनिए, फॉर्म ध्यान से भरिए और आवेदन के बाद स्टेटस पर नजर रखिए। नाम जुड़ जाए तो राशन कार्ड में नए सदस्य की जानकारी एक बार जरूर मिला लीजिए। और अपने आसपास के उन परिवारों को भी बताइए, जहां हाल में शादी हुई है या बच्चा पैदा हुआ है।










