PM Awas Yojana Urban 2.0: 16 अक्टूबर को 1.93 लाख नए घरों को मंजूरी, अब कुल 20.80 लाख — जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

By Shreya

Published On:

PM Awas Yojana Urban 2.0 यानी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 शहरों में अपना पक्का घर न रखने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी आवास योजना है। इस योजना के तहत 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुई केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 10वीं बैठक में 1.93 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल घरों की संख्या 20.80 लाख हो गई है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के जरिए इसकी आधिकारिक जानकारी दी है।

+584
📢 अभी Join करें WhatsApp Group फ़्री ग्रुप में ज्वाइन करें!!
Join Now →

बड़ी खबर: 16 अक्टूबर की बैठक में क्या फैसला हुआ

बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह ने की। मुख्य फैसले:

  • कुल 1,93,521 अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई, जिससे योजना की कुल स्वीकृति 20.80 लाख हो गई।
  • नए घर 11 राज्यों को मिले हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 73,182 घर मिले हैं।
  • बिहार को 52,866, तेलंगाना को 18,120, पश्चिम बंगाल को 16,559 और गुजरात को 14,290 घर मिले हैं।
  • आंध्र प्रदेश (6,560), छत्तीसगढ़ (4,670), ओडिशा (3,126), कर्नाटक (3,116), मिजोरम (1,003) और सिक्किम (29) को भी मंजूरी मिली है।
  • स्वीकृत घरों में से 97 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में आवंटित हैं — महिलाओं के घर स्वामित्व को बढ़ावा देना इस योजना की बड़ी खासियत है।
  • नए घर दो हिस्सों में दिए गए हैं: लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (बीएलसी) और साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी)।

योजना क्या है? पूरी जानकारी

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को सितंबर 2024 में शुरू किया गया था। यह 2024 से 2029 तक चलेगा और इसका लक्ष्य 1 करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आवास सहायता देना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने ₹2.30 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता का प्रावधान किया है।

यह भी पढ़े:
UP Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana 2026: बेटी की शादी पर सरकार देगी ₹1 लाख — पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया जानें

योजना का मकसद उन शहरी परिवारों को पक्का घर देना है, जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है। ये परिवार अपनी जमीन पर घर बना सकते हैं, बना बनाया घर खरीद सकते हैं या सरकार की भागीदारी वाली परियोजनाओं से घर ले सकते हैं।

चार तरीके, एक ही मकसद

योजना चार माध्यमों से काम करती है:

  • बीएलसी (लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण): अपनी जमीन पर खुद घर बनाने वाले पात्र परिवारों को केंद्रीय सहायता मिलती है।
  • एएचपी (साझेदारी में किफायती आवास): राज्य या निजी एजेंसियों के साथ मिलकर बनाई गई आवास परियोजनाओं से घर मिलता है।
  • एआरएच (किफायती किराया आवास): शहरों में काम करने वाले श्रमिकों और गरीबों के लिए किराए के मकान की सुविधा।
  • आईएसएस (ब्याज सब्सिडी योजना): पात्र गृह ऋण पर ब्याज में छूट, ताकि ईएमआई का बोझ कम हो।

कितनी आर्थिक मदद मिलेगी

घर बनाने या खरीदने के लिए पात्र परिवारों को ₹2.50 लाख तक की केंद्रीय सहायता और ब्याज सब्सिडी योजना के तहत पात्र गृह ऋण पर ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। सहायता राशि डीबीटी से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

यह भी पढ़े:
Lakhpati Didi Yojana 2026: UP की 28.92 लाख महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर — ₹1 लाख सालाना आय का लक्ष्य, जानें कौन पाएगा लाभ

कौन ले सकता है लाभ? पात्रता शर्तें

योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जो ये शर्तें पूरी करते हैं:

  • परिवार के पास देश के किसी भी हिस्से में पक्का घर नहीं होना चाहिए।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस): वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।
  • निम्न आय वर्ग (एलआईजी): वार्षिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।
  • मध्यम आय वर्ग (एमआईजी): वार्षिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक — योजना में अधिकतम आय सीमा ₹9 लाख है।
  • आवेदक वयस्क भारतीय नागरिक हो और योजना के पहले चरण का लाभ पहले न लिया हो।
  • शहरी क्षेत्र का निवासी होना जरूरी है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आधार कार्ड (सभी वयस्क सदस्यों का)
  • आय प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र
  • बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल चेक (आधार से जुड़ा खाता)
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो
  • बीएलसी के लिए अपनी जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज

आवेदन के 5 आसान स्टेप

  1. पोर्टल पर जाएं: योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmay-urban.gov.in खोलें और नागरिक आवेदन विकल्प चुनें।
  2. रजिस्ट्रेशन करें: आधार नंबर से रजिस्टर करें और मोबाइल ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
  3. फॉर्म भरें: पारिवारिक आय, पता, बैंक खाते की जानकारी और घर की जरूरत (निर्माण/खरीद) दर्ज करें।
  4. दस्तावेज अपलोड करें: सभी दस्तावेज साफ स्कैन करके अपलोड करें।
  5. सबमिट और ट्रैक करें: फॉर्म सबमिट करने के बाद मिली एप्लीकेशन आईडी से पोर्टल पर आवेदन की स्थिति ट्रैक करें। स्वीकृति के बाद सहायता राशि किस्तों में डीबीटी से मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: क्या योजना में आवेदन की कोई अंतिम तारीख है?
उत्तर: यह 2029 तक चलने वाली लगातार योजना है। राज्य समय-समय पर अपने-अपने लक्ष्य के हिसाब से आवेदन मांगते हैं, इसलिए अपने नगर निगम या शहरी विकास प्राधिकरण से ताजा जानकारी लें।

प्रश्न 2: क्या किराए के मकान में रहने वाले भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हां, अगर आपके पास कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है और आय सीमा के अंदर आते हैं, तो आप पात्र हैं।

यह भी पढ़े:
Ration Card e-KYC Last Date 2026: 1.58 करोड़ ‘साइलेंट’ कार्ड 1 अक्टूबर से बंद — 1 जनवरी तक ई-केवाईसी से ऐसे दोबारा चालू करें

प्रश्न 3: क्या महिला के नाम पर ही आवेदन करना जरूरी है?
उत्तर: जरूरी नहीं, लेकिन योजना महिलाओं के घर स्वामित्व को बढ़ावा देती है — 97 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं।

प्रश्न 4: ब्याज सब्सिडी कैसे मिलेगी?
उत्तर: आईएसएस घटक के तहत पात्र गृह ऋण पर ₹1.80 लाख तक की ब्याज सब्सिडी शर्तों के अनुसार मिलती है, जिससे आपकी ईएमआई कम हो जाती है।

प्रश्न 5: आवेदन की स्थिति कैसे पता चलेगी?
उत्तर: pmay-urban.gov.in पर अपनी एप्लीकेशन आईडी या आधार नंबर से आवेदन की स्थिति कभी भी ट्रैक कर सकते हैं।

यह भी पढ़े:
PM RAHAT Scheme 2026: सड़क हादसे में ₹1.5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज — 112 डायल करें, जानें पात्रता और पूरी प्रक्रिया

Leave a Comment

फ़्री ग्रुप में ज्वाइन करें!! ✕
+584
📢 अभी Join करें WhatsApp Group