UP Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana 2026 उत्तर प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए योगी सरकार की बड़ी शादी सहायता योजना है। बेटी की शादी के खर्च से परेशान परिवारों को सरकार हर योग्य जोड़े को कुल ₹1,00,000 की सहायता देती है — जिसमें से ₹60,000 सीधे दुल्हन के बैंक खाते में पहुंचता है। अक्टूबर 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के दौरान इस पर बयान दिया, जिसके बाद यह योजना फिर चर्चा में है।
UP Mukhyamantri Samuhik Vivah Yojana क्या है?
यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए है जो बेटी की शादी का खर्च नहीं उठा पाते। सरकार जिला स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह कराती है, जिसमें एक साथ कई जोड़ों की शादियां होती हैं। मकसद है — गरीब परिवारों का बोझ कम करना और दहेज जैसी कुरीतियों को रोककर सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना।
2026-27 के राज्य बजट में सहायता राशि लगभग दोगुनी की गई है। इस वित्त वर्ष में सामूहिक विवाह आयोजनों के लिए करीब ₹750 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
₹1 लाख की सहायता का पूरा हिसाब
हर लाभार्थी जोड़े को मिलने वाली ₹1,00,000 की राशि तीन हिस्सों में बंटती है:
- ₹60,000 — दुल्हन के बैंक खाते में: यह रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे दुल्हन के खाते में जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
- ₹25,000 — शादी का सामान: कपड़े, आभूषण, बर्तन जैसे जरूरी घरेलू सामान पर खर्च किया जाता है।
- ₹15,000 — विवाह आयोजन व्यय: सामूहिक विवाह समारोह के आयोजन, मंडप, खानपान जैसी बुनियादी व्यवस्था पर खर्च होता है।
यानी परिवार को शादी का लगभग पूरा बोझ सरकार उठाती है और दुल्हन के खाते में नकद राशि भी पहुंचती है।
पात्रता की शर्तें — कौन आवेदन कर सकता है?
- दुल्हन और दूल्हा उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी होने चाहिए।
- दुल्हन की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए (नवीनतम आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार)।
- लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, गरीब, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक परिवार से हो।
- विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं।
- एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कम से कम 10 जोड़ों का पंजीकरण जरूरी है।
शादियां सभी धर्मों और समुदायों के रीति-रिवाजों के अनुसार कराई जाती हैं — योजना का उद्देश्य धार्मिक सद्भाव और परंपराओं का सम्मान है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- दुल्हन और दूल्हे का आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र (उत्तर प्रदेश का)
- आय प्रमाण पत्र (₹3 लाख से कम आय का प्रमाण)
- आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र / हाईस्कूल मार्कशीट)
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- दुल्हन का बैंक खाता विवरण (DBT के लिए, आधार से लिंक्ड)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- विवाह हेतु सहमति संबंधी घोषणा पत्र
आवेदन प्रक्रिया — 5 आसान स्टेप्स
- फॉर्म प्राप्त करें: जिले के समाज कल्याण कार्यालय से फॉर्म मुफ्त मिलता है।
- फॉर्म भरें: दुल्हन, दूल्हा और परिवार की जानकारी भरें, दस्तावेजों की छायाप्रति लगाएं।
- जमा करें: भरा फॉर्म जिला समाज कल्याण कार्यालय में जमा करें। नगर निकाय और पंचायत संस्थाओं से भी पंजीकरण होता है।
- सत्यापन: जिला प्रशासन दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन करता है।
- कार्यक्रम में भाग लें: तय तारीख को सामूहिक विवाह समारोह में शादी होती है और सहायता राशि जारी हो जाती है।
सामूहिक विवाह कार्यक्रम कैसे होते हैं?
जिला प्रशासन साल में कई बार सामूहिक विवाह की तारीखें तय करता है। पंजीकरण के बाद योग्य जोड़ों को कार्यक्रम स्थल और तारीख की सूचना मिलती है। एक ही मंडप में एक साथ दर्जनों जोड़ों की शादी होती है — खर्च भी कम होता है और दहेज पर भी अंकुश लगता है।
कन्या सुमंगला योजना से अंतर समझिए
कई लोग इसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से भ्रमित कर लेते हैं — दोनों अलग हैं। कन्या सुमंगला में बेटी के जन्म से पढ़ाई तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 मिलता है। वहीं सामूहिक विवाह योजना में शादी के समय सीधे ₹1,00,000 की सहायता सामूहिक विवाह समारोह के माध्यम से मिलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कितनी राशि मिलती है?
हर योग्य जोड़े को कुल ₹1,00,000 — ₹60,000 दुल्हन के खाते में (DBT), ₹25,000 शादी के सामान के लिए और ₹15,000 आयोजन खर्च के लिए।
2. इस योजना के लिए आवेदन कौन कर सकता है?
उत्तर प्रदेश के गरीब परिवार, जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख से कम हो। दुल्हन की आयु 18 वर्ष और दूल्हे की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। विधवा, परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं।
3. आवेदन कहां और कैसे करें?
जिले के जिला समाज कल्याण कार्यालय से फॉर्म लेकर भरकर वहीं जमा करें। नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं से भी पंजीकरण होता है।
4. क्या एक कार्यक्रम में अकेले जोड़े की शादी हो सकती है?
नहीं। नियमों के अनुसार एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कम से कम 10 जोड़ों का पंजीकरण जरूरी है।
5. क्या यह योजना अभी चालू है?
हां, योजना लगातार जारी है। जिला प्रशासन समय-समय पर सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की तारीखें घोषित करता है और आवेदन स्वीकार करता है।
6. ₹60,000 की राशि कैसे मिलेगी?
यह राशि DBT के माध्यम से सीधे दुल्हन के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
निष्कर्ष: बेटी की शादी का खर्च भारी पड़ रहा है तो मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक बड़ा सहारा है। ₹1 लाख की सहायता, सादगीपूर्ण आयोजन और पारदर्शी प्रक्रिया — पात्र हैं तो जिला समाज कल्याण कार्यालय में आवेदन जरूर करें।











