Lakhpati Didi Yojana 2026 ग्रामीण महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की सबसे बड़ी आत्मनिर्भरता पहल बन चुकी है। इस योजना का सीधा लक्ष्य है — स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के परिवार की सालाना आय ₹1 लाख या उससे ज्यादा तक पहुंचाना। ताजा खबरों के मुताबिक अब उत्तर प्रदेश में 28.92 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का बड़ा अभियान तेज कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवार गरीबी से बाहर निकलकर अपनी आय का स्थायी साधन बना सकें।
लखपति दीदी योजना क्या है?
इस योजना की घोषणा 15 अगस्त 2023 को लाल किले से प्रधानमंत्री ने की थी। यह दीनदयाल अंत्योदय योजना — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है। शुरुआत में 2 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 3 करोड़ किया गया। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई राज्यों में यह आंकड़ा पार होने की राह पर है और अब कामकाजी विस्तार के तहत करोड़ों और महिलाओं को जोड़ने की तैयारी चल रही है। लखपति दीदी वह महिला कहलाती है जिसने खुद के काम से अपने परिवार की सालाना आय ₹1 लाख से अधिक कर ली हो और जिसे यह आय कम से कम चार फसल चक्रों तक मिलती रहे।
यूपी में 28.92 लाख महिलाओं का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में इस योजना का विस्तार सबसे तेज गति से हो रहा है। राज्य आजीविका मिशन के तहत 28.92 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की समीक्षा बैठकें हो रही हैं और महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आय के प्रमुख साधनों में खेती, पशुपालन, दूध उत्पादन, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण और छोटे उद्यम शामिल हैं।
कौन बन सकती है लखपति दीदी? पात्रता जानें
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें हैं:
- महिला ग्रामीण क्षेत्र की होनी चाहिए और किसी स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य होनी चाहिए।
- महिला या उसका परिवार आय-सृजन से जुड़ा काम करने को इच्छुक हो — खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई या कोई छोटा व्यवसाय।
- महिला की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और परिवार का कोई भी सदस्य पहले से सरकारी नौकरी या नियमित आय में हो, तब भी समूह की सदस्यता संभव है, लेकिन प्राथमिकता वंचित परिवारों को मिलती है।
- आधार कार्ड, बैंक खाता और समूह की सदस्यता प्रमाण जरूरी दस्तावेजों में आते हैं।
महिलाओं को क्या-क्या मिलता है?
इस योजना में सीधे नकद राशि नहीं मिलती, बल्कि आय कमाने के साधन तैयार किए जाते हैं। मुख्य सहायता इस प्रकार है:
- कौशल प्रशिक्षण: सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, मशरूम उत्पादन, बागवानी जैसे क्षेत्रों में मुफ्त ट्रेनिंग।
- आसान लोन: समूह के माध्यम से ₹20,000 से ₹30,000 का रिवॉल्विंग फंड और जरूरत पर अधिकतम ₹2.5 लाख का सामुदायिक निवेश निधि (CIF) सहयोग।
- बैंक कर्ज बिना गारंटी: ₹20 लाख तक का बैंक लोन उपलब्ध होता है, जिसमें ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
- बाजार से जुड़ाव: मेलों, प्रदर्शनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद।
- तकनीकी मार्गदर्शन: काम शुरू करने से लेकर उसे बढ़ाने तक विशेषज्ञों की सलाह।
लखपति दीदी से जुड़ने के 5 आसान स्टेप
योजना में जुड़ने की प्रक्रिया सरल है:
- अपने गांव या वार्ड के स्वयं सहायता समूह से संपर्क करें — अगर आप सदस्य नहीं हैं, तो समूह में जुड़ें।
- ब्लॉक स्तर के आजीविका मिशन कार्यालय या जीविका दीदी/समूह सखी से जानकारी लें।
- अपनी रुचि के क्षेत्र (सिलाई, डेयरी, मसाला, पशुपालन) का चुनाव करें और प्रशिक्षण पूरा करें।
- समूह के माध्यम से रिवॉल्विंग फंड या बैंक लोन के लिए आवेदन करें।
- अपना काम शुरू करें और आय का रिकॉर्ड डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दर्ज करवाएं।
ठगी से सावधान रहें
योजना लोकप्रिय होते ही फर्जी वेबसाइट और एजेंट सक्रिय हो जाते हैं। याद रखें — लखपति दीदी में जुड़ने के नाम पर कोई सरकारी फीस नहीं ली जाती। कोई फीस मांगे, OTP या बैंक की जानकारी मांगे, तो तुरंत रुक जाएं और अपने ब्लॉक कार्यालय या राज्य आजीविका मिशन से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
लखपति दीदी योजना कब शुरू हुई?
इसकी घोषणा 15 अगस्त 2023 को प्रधानमंत्री ने की थी। यह DAY-NRLM के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है।
लखपति दीदी योजना में कितना पैसा मिलता है?
महिला को सीधे तय नकद राशि नहीं मिलती। समूह को ₹20,000–₹30,000 का रिवॉल्विंग फंड, अधिकतम ₹2.5 लाख का CIF और ₹20 लाख तक का बिना गारंटी बैंक लोन मिल सकता है।
लखपति दीदी कौन कहलाती है?
वह SHG सदस्य महिला जिसका अपने काम से परिवार की सालाना आय ₹1 लाख या उससे ज्यादा हो गई हो और यह आय कम से कम चार फसल चक्रों तक बनी रहे।
क्या शहर की महिलाएं भी जुड़ सकती हैं?
यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं के लिए है। शहरी गरीब महिलाओं के लिए राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत अलग प्रावधान हैं।
आवेदन कहां करना होता है?
कोई अलग ऑनलाइन फॉर्म नहीं है — अपने स्वयं सहायता समूह, ब्लॉक आजीविका मिशन कार्यालय या ग्राम संगठन के जरिए जुड़ा जा सकता है।
यूपी में कब तक 28.92 लाख का लक्ष्य पूरा होगा?
राज्य आजीविका मिशन के तहत यह लक्ष्य तेज गति से पूरा किया जा रहा है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा हो रही है और प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं।












