Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana — गरीब परिवारों के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को नया नाम देकर अगले 5 साल तक जारी रखने का फैसला किया है। अब यह योजना प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना (PMSSY) के नाम से चलेगी। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए ₹53,428 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई है। इस फैसले से 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा।
यह योजना 15 अगस्त 1995 से चल रही है। इसमें केंद्र सरकार 100% वित्तीय सहायता देती है और इसका संचालन ग्रामीण विकास मंत्रालय करता है। संविधान के अनुच्छेद 41 के तहत गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है, और यही इस योजना का आधार है।
योजना और उप-योजनाओं के नए नाम
कैबिनेट ने NSAP का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना (PMSSY) कर दिया है। इसके साथ ही पहले इंदिरा गांधी के नाम पर चलने वाली उप-योजनाओं के नाम भी बदले गए हैं:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना → प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना → प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना → प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
- राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना → प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना
जिन लाभार्थियों को पहले से पेंशन मिल रही है, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है — वे अपने आप नई योजना में स्थानांतरित हो जाएंगे।
किसे कितनी पेंशन मिलेगी?
बुजुर्गों, विधवाओं और परिवार लाभ योजना में राशि पुरानी ही रहेगी। केवल दिव्यांगजन पेंशन में बड़ा बदलाव किया गया है:
- वृद्धावस्था पेंशन: 60 से 79 वर्ष के बुजुर्गों को ₹200 प्रति माह, 80 वर्ष से अधिक को ₹500 प्रति माह (कई राज्य अपनी ओर से अतिरिक्त राशि जोड़ते हैं)
- विधवा पेंशन: 40 से 79 वर्ष की विधवाओं को ₹300 प्रति माह, 80 वर्ष से अधिक को ₹500 प्रति माह
- दिव्यांगजन पेंशन (नई दर): ₹375 प्रति माह (0-79 वर्ष), ₹625 प्रति माह (80 वर्ष से अधिक)
- परिवार लाभ योजना: कमाने वाले की मौत (18-59 वर्ष की आयु में) पर परिवार को एकमुश्त ₹20,000
- अन्नपूर्णा योजना: जिन योग्य बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिल रही, उन्हें हर माह 10 किलो अनाज मुफ्त
इन सभी योजनाओं का लाभ गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के परिवारों को मिलता है। यह 100% केंद्रीय सहायता वाली योजना है, यानी पूरे देश में हर लाभार्थी को सहायता समान रूप से मिलती है।
दिव्यांगजनों के लिए सबसे बड़ा बदलाव
इस फैसले में सबसे अहम बदलाव दिव्यांगजन पेंशन को लेकर है। पहले इस पेंशन के लिए 80% गंभीर विकलांगता अनिवार्य थी, जिसे घटाकर 40% बेंचमार्क विकलांगता कर दिया गया है। यानी अब लाखों ऐसे दिव्यांगजन भी योजना के दायरे में आ जाएंगे जो पहले बाहर थे।
दूसरा बड़ा बदलाव — न्यूनतम आयु सीमा खत्म। पहले पेंशन के लिए 18 वर्ष की आयु जरूरी थी, लेकिन अब जन्म से ही दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन मिलेगी। इससे दिव्यांग बच्चों के परिवारों को इलाज और देखभाल में बड़ी राहत मिलेगी।
राशि भी बढ़ाई गई है — पहले ₹300 प्रति माह मिलता था, अब ₹375 (0-79 वर्ष) और ₹625 (80 वर्ष से अधिक) प्रति माह मिलेगा। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के कारण ये बदलाव किए गए हैं। नई विस्तृत गाइडलाइन 3 महीने के भीतर जारी की जाएगी।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी। पात्र व्यक्ति अपने जिले के समाज कल्याण विभाग, ग्राम पंचायत या नगर निगम कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। कई राज्यों में ऑनलाइन सुविधा भी है।
- पात्रता: आवेदक BPL परिवार से हो; वृद्धावस्था पेंशन के लिए आयु 60 वर्ष या अधिक; विधवा पेंशन के लिए 40-79 वर्ष; दिव्यांगजन पेंशन के लिए 40% या अधिक विकलांगता (कोई आयु सीमा नहीं)
- दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता (DBT के लिए), आयु प्रमाण पत्र, BPL राशन कार्ड या आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांगजन पेंशन के लिए), पति की मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवा पेंशन के लिए)
- भुगतान: राशि हर महीने सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से जाती है
यदि आपके घर में कोई बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांगजन है जो BPL परिवार से है और अभी तक पेंशन नहीं ले रहा, तो नजदीकी पंचायत या समाज कल्याण कार्यालय में संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana क्या है?
उत्तर: यह पहले NSAP के नाम से चलती थी। अक्टूबर 2026 में कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना कर दिया और 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दी।
प्रश्न 2: इस योजना में कितनी पेंशन मिलती है?
उत्तर: वृद्धावस्था ₹200-₹500, विधवा ₹300-₹500, दिव्यांगजन ₹375-₹625 प्रति माह; परिवार लाभ में एकमुश्त ₹20,000; अन्नपूर्णा में 10 किलो अनाज मुफ्त।
प्रश्न 3: दिव्यांगजन पेंशन में क्या नया बदलाव हुआ?
उत्तर: विकलांगता सीमा 80% से घटाकर 40% और आयु सीमा हटा दी गई — अब जन्म से ही दिव्यांग बच्चे पात्र होंगे। राशि ₹300 से बढ़ाकर ₹375/₹625 कर दी गई।
प्रश्न 4: क्या पुराने लाभार्थियों को दोबारा आवेदन करना होगा?
उत्तर: नहीं, वे अपने आप नई योजना में स्थानांतरित हो जाएंगे।
प्रश्न 5: आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: आधार कार्ड, बैंक खाता, आयु प्रमाण पत्र, BPL राशन कार्ड/आय प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र (जहां लागू) जरूरी हैं।
प्रश्न 6: पेंशन का पैसा कैसे मिलता है?
उत्तर: हर महीने राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाती है।











