PM Vishwakarma Yojana क्या है और अब तक कितने कारीगरों को मिला लाभ?
PM Vishwakarma Yojana केंद्र सरकार की वह खास योजना है जो पारंपरिक कारीगरों और हाथ से काम करने वाले हुनरमंद लोगों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत 17 सितंबर 2023 को की थी और सितंबर 2026 में इसने तीन साल पूरे कर लिए हैं। यह योजना MSME मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही है और इसका मकसद पारंपरिक शिल्प को आधुनिक औजारों, प्रशिक्षण, सस्ते कर्ज और बाजार तक पहुंच से मजबूत करना है।
सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 लाख से अधिक लाभार्थी तीन चरण की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करके पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें से लगभग 24.50 लाख कारीगरों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिल चुका है, 18.15 लाख टूलकिट घर तक पहुंचाए गए हैं और 6.18 लाख कारीगरों को 5 प्रतिशत सालाना ब्याज पर 5,297 करोड़ रुपये का कर्ज मिल चुका है।
PM Vishwakarma Yojana 2026: कारीगरों को मिलने वाले मुख्य लाभ
पंजीकृत हर कारीगर को यह सहायता मिलती है:
- मुफ्त कौशल प्रशिक्षण: 5 से 7 दिनों की बुनियादी ट्रेनिंग दी जाती है। आगे बढ़ने वालों के लिए 15 दिन या अधिक की एडवांस ट्रेनिंग का भी प्रावधान है।
- प्रतिदिन 500 रुपये का भत्ता: प्रशिक्षण के दौरान हर दिन 500 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है, ताकि सीखने के दिनों में आय का नुकसान न हो।
- 15,000 रुपये का टूलकिट: ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आधुनिक औजार खरीदने के लिए 15,000 रुपये का ई-वाउचर या अनुदान दिया जाता है।
- बिना गारंटी 3 लाख रुपये तक का लोन: अपना काम शुरू या बढ़ाने के लिए मात्र 5 प्रतिशत ब्याज दर पर बिना तारण (कोलैटरल) के 3 लाख रुपये तक का कर्ज मिलता है।
- सरकारी पहचान: हर लाभार्थी को ‘PM विश्वकर्मा प्रमाण पत्र’ और पहचान पत्र दिया जाता है, जो उसकी कला को सरकारी मान्यता देता है।
- बाजार और डिजिटल सहायता: डिजिटल लेनदेन पर प्रोत्साहन, मार्केटिंग सपोर्ट और UPI व ई-कॉमर्स की ट्रेनिंग भी शामिल है।
लोन दो किश्तों में — कैसे मिलेगा?
पहली किश्त में 1,00,000 रुपये तक का कर्ज 18 महीने की अवधि के लिए मिलता है। नियमित किस्तें भरने के बाद दूसरी किश्त में 2,00,000 रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज 30 महीने के लिए दिया जाता है। दोनों चरणों में ब्याज दर केवल 5 प्रतिशत सालाना रहती है और सरकार की क्रेडिट गारंटी के कारण बैंक कोई तारण नहीं मांगता।
कौन ले सकता है योजना का लाभ? पात्रता शर्तें
- आवेदक भारत का नागरिक हो और उम्र 18 वर्ष या अधिक हो।
- वह 18 सूचीबद्ध व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा पारंपरिक कारीगर हो।
- परिवार का केवल एक सदस्य ही लाभ ले सकता है।
- पिछले 5 वर्षों में PMEGP या मुद्रा जैसे सरकारी ऋण का लाभ न लिया हो।
किन 18 व्यवसायों को मिलता है योजना का लाभ?
सरकार ने 18 पारंपरिक व्यवसाय तय किए हैं: बढ़ई, नाव बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, पत्थर तोड़ने वाले, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी-चटाई-झाड़ू बनाने वाले, पारंपरिक खिलौना बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, हथौड़ा-औजार बनाने वाले और कवच बनाने वाले। यदि आप इनमें से किसी काम से आजीविका चलाते हैं, तो आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक अनिवार्य), बैंक पासबुक की प्रति, राशन कार्ड और अपने व्यवसाय का संक्षिप्त विवरण — यही चार चीजें आवेदन में चाहिए।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया — 5 आसान चरणों में
- वेबसाइट पर जाएं: pmvishwakarma.gov.in पोर्टल खोलें।
- रजिस्ट्रेशन करें: आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से पंजीकरण पूरा करें।
- सत्यापन: ग्राम पंचायत/नगर निकाय, जिला और राज्य स्तर पर जानकारी की जांच होगी।
- प्रशिक्षण लें: 5-7 दिनों की मुफ्त ट्रेनिंग लें और रोज 500 रुपये का भत्ता पाएं।
- लाभ लें: ट्रेनिंग पूरी होते ही 15,000 रुपये का टूलकिट वाउचर और 5 प्रतिशत ब्याज पर लोन के लिए आवेदन करें।
ऑनलाइन आवेदन में असहज लोग नजदीकी Common Service Center (CSC) पर जाकर भी पंजीकरण करवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: क्या इस योजना में महिलाओं के लिए कोई खास सुविधा है?
उत्तर: हां, महिला कारीगरों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है और महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने पर जोर है।
प्रश्न 2: क्या लोन के लिए बैंक में गारंटी देनी पड़ती है?
उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह बिना तारण वाला लोन है। सरकार की क्रेडिट गारंटी के कारण बैंक कोई गारंटी या संपत्ति गिरवी नहीं मांगता।
प्रश्न 3: टूलकिट का पैसा सीधे खाते में आता है या सामान मिलता है?
उत्तर: 15,000 रुपये का ई-वाउचर या अनुदान मिलता है, जिससे आधुनिक औजार खरीदे जा सकते हैं। अब तक 18.15 लाख टूलकिट कारीगरों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
प्रश्न 4: क्या एक ही परिवार के दो लोग आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: नहीं, नियम के अनुसार परिवार का केवल एक सदस्य ही इस योजना का लाभ ले सकता है।
प्रश्न 5: ट्रेनिंग के दौरान मिलने वाले 500 रुपये कब मिलते हैं?
उत्तर: प्रशिक्षण अवधि के हर दिन के हिसाब से 500 रुपये का स्टाइपेंड लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा किया जाता है।
PM Vishwakarma Yojana उन लाखों कारीगरों के लिए सुनहरा अवसर है जो अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार से जोड़ना चाहते हैं। मुफ्त प्रशिक्षण, 15,000 रुपये का टूलकिट और मात्र 5 प्रतिशत ब्याज पर 3 लाख रुपये तक का बिना गारंटी लोन — इतनी सुविधाएं एक साथ नहीं मिलतीं। यदि आप 18 सूचीबद्ध व्यवसायों में से किसी एक से जुड़े हैं, तो आज ही आधिकारिक पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं।











