PM Viksit Bharat Rozgar Yojana 2026 – पहली नौकरी का अपना ही मजा होता है। पर शुरुआती महीनों में सैलरी कम होती है और खर्चे ज्यादा। नए शहर में किराया, खाना-पीना, आना-जाना, सब कुछ अपनी जेब से। केंद्र सरकार की पीएम विकसित भारत रोजगार योजना इसी दौर में युवाओं को सहारा देने के लिए है। जो लोग पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं, उन्हें ₹15,000 तक का नकद प्रोत्साहन मिल सकता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कौन पात्र है, पैसा कब आएगा और करना क्या है।
योजना है क्या?
यह केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना है। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस पर की थी। मूल पाठ के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी और इसके लिए ₹99,446 करोड़ का बजट रखा गया। (पाठ में मंजूरी की तारीख 1 जुलाई 2025 लिखी है, जो घोषणा की तारीख से पहले की है। यह विसंगति लगती है, इसलिए इसे नीचे नोट में बताया है।)
योजना का लक्ष्य देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार बनाना और युवाओं को संगठित क्षेत्र की नौकरियों की तरफ लाना है। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय चलाता है और अमल कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के जरिए होता है।
इसका फायदा दोनों तरफ है। नौकरी करने वाले युवा को ₹15,000 तक मिलते हैं, और नौकरी देने वाली कंपनी को हर नए कर्मचारी पर हर महीने ₹1,000 से ₹3,000 तक का प्रोत्साहन। यानी सरकार चाहती है कि कंपनियां ज्यादा भर्ती करें और युवा संगठित नौकरियां अपनाएं।
दो हिस्से: पार्ट A और पार्ट B
योजना दो भागों में बंटी है। पार्ट A कर्मचारियों के लिए है और पार्ट B कंपनियों के लिए।
पार्ट A: युवाओं को ₹15,000 तक
अगर आप पहली बार किसी EPFO से जुड़ी कंपनी में काम कर रहे हैं, तो आप इसके हकदार हो सकते हैं। आपको एक महीने के EPF वेतन के बराबर रकम मिलती है, अधिकतम ₹15,000। यह दो किस्तों में आती है:
- पहली किस्त, 6 महीने बाद: एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम करने और EPF योगदान जमा होने पर मिलती है। यह आपके 6 महीने के औसत EPF वेतन का आधा होती है, अधिकतम करीब ₹7,500।
- दूसरी किस्त, 12 महीने बाद: 12 महीने की नौकरी पूरी होने पर बाकी रकम मिलती है। इसके लिए सरकार का मुफ्त ऑनलाइन फाइनेंशियल लिटरेसी, यानी वित्तीय साक्षरता, कोर्स पूरा करना होगा। इस किस्त का एक हिस्सा बचत योजना में जमा किया जाएगा, ताकि आपकी लंबी अवधि की बचत भी बने।
पैसा डीबीटी से सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है। बीच में कोई बिचौलिया नहीं।
पार्ट B: कंपनियों को फायदा
EPFO से जुड़ी कंपनी योजना की अवधि में नए कर्मचारी रखे, तो उसे हर नए कर्मचारी पर प्रोत्साहन मिलता है:
- EPF वेतन ₹10,000 तक: वेतन का 10%, अधिकतम ₹1,000 प्रति माह
- EPF वेतन ₹10,001 से ₹20,000: ₹2,000 प्रति माह
- EPF वेतन ₹20,000 से ऊपर: ₹3,000 प्रति माह
यह प्रोत्साहन 2 साल तक मिलता है। विनिर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग) की कंपनियों के लिए यह अवधि 4 साल तक है। पैसा हर 6 महीने में एकमुश्त दिया जाता है। शर्त यह है कि कंपनी को अपने मौजूदा स्टाफ के ऊपर शुद्ध रूप से नए रोजगार बनाने होंगे। पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए रखने से फायदा नहीं मिलेगा।
कौन पात्र है?
एक भी शर्त छूटी तो लाभ अटक सकता है, इसलिए ध्यान से पढ़िए:
- पहली बार EPFO सदस्य: 1 अगस्त 2025 से पहले आप कभी EPFO या किसी छूट प्राप्त ट्रस्ट के सदस्य न रहे हों। यानी यह आपकी पहली संगठित नौकरी हो।
- जॉइनिंग की तारीख: नौकरी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच जॉइन की हो।
- वेतन सीमा: जॉइनिंग के समय मासिक सकल वेतन ₹1 लाख या उससे कम हो।
- UAN: यूनिवर्सल अकाउंट नंबर बना हो और UMANG ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन से सत्यापित हो।
- बैंक खाता: आधार से जुड़ा हो, क्योंकि पैसा डीबीटी से ही आएगा।
- लगातार नौकरी: पहली किस्त के लिए एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम जरूरी है।
सरकारी आंकड़ों के हवाले से पाठ में बताया गया है कि लाभार्थियों में करीब 30 प्रतिशत महिलाएं हैं।
आवेदन कैसे होगा?
अच्छी बात यह है कि अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं बताई गई है। प्रक्रिया लगभग अपने आप चलती है, बशर्ते कंपनी EPFO से जुड़ी हो और आपका UAN ठीक से बना हो।
- UAN बनवाएं: आमतौर पर कंपनी जॉइनिंग पर बना देती है। न बना हो तो UMANG ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए खुद भी बना सकते हैं।
- आधार लिंक कराएं: UAN को आधार से और बैंक खाते को भी आधार से जुड़वाएं। डीबीटी के लिए यह जरूरी है।
- EPF योगदान शुरू हो: कंपनी हर महीने आपके वेतन से EPF काटकर जमा करेगी। पहला योगदान अगस्त 2025 या उसके बाद के वेतन माह से होना चाहिए।
- 6 महीने पूरे करें: एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने काम के बाद पहली किस्त अपने आप प्रोसेस होगी।
- कोर्स पूरा करें: दूसरी किस्त से पहले मुफ्त फाइनेंशियल लिटरेसी कोर्स कर लें।
ताजा जानकारी के लिए EPFO की वेबसाइट epfindia.gov.in और श्रम मंत्रालय की labour.gov.in देखते रहिए। योजना पूरी तरह मुफ्त है, इसलिए पैसे मांगने वाला एजेंट या वेबसाइट ठग है।
किस्तों की टाइमलाइन
- 6 महीने बाद: पहली किस्त, औसत EPF वेतन का आधा, अधिकतम करीब ₹7,500
- 12 महीने बाद: दूसरी किस्त, यानी ₹15,000 में से बची रकम, कोर्स पूरा होने की शर्त पर
- 18 महीने की खिड़की: 12 महीने की सेवा जॉइनिंग के 18 महीनों के भीतर पूरी होनी चाहिए
एक उदाहरण लीजिए। मान लीजिए आपका EPF वेतन (बेसिक और डीए) ₹22,000 है। तब आपका कुल प्रोत्साहन ₹15,000, यानी अधिकतम सीमा तक बनेगा। 6 महीने बाद करीब ₹7,500 मिलेंगे और 12 महीने बाद कोर्स पूरा करने पर बाकी ₹7,500।
किन्हें लाभ नहीं मिलेगा?
- सरकारी कर्मचारी: वे EPF की जगह GPF या NPS में आते हैं
- पुराने EPFO सदस्य: जो 1 अगस्त 2025 से पहले कभी सदस्य रहे हों, वे पहली बार नौकरी करने वाले नहीं माने जाएंगे
- ₹1 लाख से ज्यादा वेतन वाले: जॉइनिंग के समय सकल वेतन इससे ऊपर हो तो पात्रता नहीं बनती
- बिना EPFO वाली कंपनियों के कर्मचारी: कंपनी पंजीकृत न हो तो फायदा नहीं
- 31 जुलाई 2027 के बाद जॉइन करने वाले: योजना की अवधि तब तक ही है
कौन-से कागज तैयार रखें?
अलग आवेदन नहीं है, फिर भी ये चीजें पास रखिए:
- आधार कार्ड, जो UAN और बैंक खाते से जुड़ा हो
- पैन कार्ड
- आधार से जुड़े खाते की पासबुक या कैंसिल चेक
- जॉइनिंग या अपॉइंटमेंट लेटर
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- UMANG ऐप, फेस ऑथेंटिकेशन और UAN के लिए
इन बातों का ध्यान रखें
- नौकरी जल्दबाजी में न बदलें। पहली किस्त के लिए एक ही कंपनी में लगातार 6 महीने जरूरी हैं। बीच में बदली तो किस्त अटक सकती है।
- UAN में गलती न हो। नाम, जन्मतिथि और आधार की जानकारी मेल खाए, वरना डीबीटी फेल हो सकता है।
- कोर्स न भूलें। दूसरी किस्त इसके बिना नहीं मिलेगी।
- सिर्फ आधिकारिक स्रोत मानें। जानकारी EPFO या श्रम मंत्रालय की साइट से ही लें।
कुछ आम सवाल
कितना पैसा मिलता है? एक महीने के EPF वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000, दो किस्तों में।
क्या अलग से आवेदन करना पड़ता है? नहीं। कंपनी EPFO से जुड़ी हो, UAN बना हो और खाता आधार से जुड़ा हो, तो पात्रता अपने आप तय होती है। बस 6 महीने की लगातार नौकरी और कोर्स की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
आखिरी तारीख क्या है? 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच जॉइन करने वालों के लिए योजना लागू है।
क्या सरकारी नौकरी वालों को मिलेगा? नहीं। यह प्राइवेट और संगठित क्षेत्र में पहली बार नौकरी करने वालों के लिए है।
6 महीने से पहले नौकरी छोड़ दी तो? तब पहली किस्त नहीं मिलेगी, क्योंकि उसके लिए एक ही संस्थान में लगातार 6 महीने काम जरूरी है।
दूसरी किस्त के लिए कोर्स क्यों जरूरी है? सरकार चाहती है कि युवा पैसे का सही इस्तेमाल और बचत सीखें। कोर्स पूरा होने पर ही दूसरी किस्त जारी होती है।
₹15,000 सुनने में बड़ी रकम न लगे, पर करियर की शुरुआत में यह नए शहर के किराये, किसी कोर्स की फीस या छोटी-मोटी जरूरतों में काफी काम आती है। अगर आप पात्र हैं, तो आज ही अपना UAN, आधार और बैंक खाते की लिंकिंग जांच लीजिए, ताकि हक का पैसा समय पर मिले। अपने उन दोस्तों और भाई-बहनों को भी बताइए जिन्होंने हाल में पहली नौकरी शुरू की है।












