PM Mudra Yojana 2026 के तहत केंद्र सरकार छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के अधिकतम ₹20 लाख तक का लोन दे रही है। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या मौजूदा धंधे को बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन बैंक में गिरवी रखने के लिए कोई संपत्ति नहीं है। अक्टूबर 2026 में वित्त मंत्रालय ने प्राइवेट बैंकों से भी इस योजना के तहत लोन बढ़ाने को कहा है, जिससे अब लोन पाना पहले से आसान होने की उम्मीद है।
PM Mudra Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसकी शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी। इसका उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ता और बिना गारंटी वाला लोन देना है। योजना का संचालन MUDRA (Micro Units Development and Refinance Agency Ltd.) के जरिए होता है, जो SIDBI की एक सहायक कंपनी है।
इस योजना के तहत लोन सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), स्मॉल फाइनेंस बैंक, NBFC और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFI) के जरिए दिया जाता है। सरकार के 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, शुरुआत से अब तक 57.79 करोड़ लोगों को ₹40.07 लाख करोड़ का मुद्रा लोन दिया जा चुका है, जिसमें करीब 67% कर्जदार महिलाएं हैं।
चार कैटेगरी — आपके व्यवसाय के हिसाब से लोन
मुद्रा लोन चार श्रेणियों में बंटा है। आवेदक अपनी जरूरत के हिसाब से कैटेगरी चुन सकता है:
- शिशु (Shishu): ₹50,000 तक — बहुत छोटे और घरेलू व्यवसाय के लिए
- किशोर (Kishor): ₹50,001 से ₹5 लाख — बढ़ते व्यवसाय के लिए
- तरुण (Tarun): ₹5,00,001 से ₹10 लाख — व्यवसाय के विस्तार के लिए
- तरुण प्लस (Tarun Plus): ₹10 लाख से ₹20 लाख — उन उद्यमियों के लिए जिन्होंने पहले तरुण कैटेगरी का लोन लेकर सफलतापूर्वक चुका दिया हो
तरुण प्लस कैटेगरी की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में हुई थी और यह 24 अक्टूबर 2024 से लागू है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक ने अप्रैल 2026 से MSME के लिए बिना गारंटी वाले लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी है, जिससे मुद्रा योजना के तरुण वर्ग के कर्जदारों को सीधा फायदा मिलता है।
कौन ले सकता है मुद्रा लोन?
- 18 से 55 वर्ष का भारतीय नागरिक
- नॉन-फार्म आय-उत्पादक गतिविधि में लगा हो — मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सेवा क्षेत्र या संबद्ध गतिविधियां (केवल फसल की खेती के लिए लोन नहीं मिलता)
- नया व्यवसाय शुरू करने वाला या मौजूदा व्यवसाय का विस्तार करने वाला कोई भी व्यक्ति
- कोई विशेष शैक्षणिक योग्यता जरूरी नहीं — मुख्य शर्त व्यवसाय की योजना और क्षमता है
- आवेदक किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और पैन कार्ड
- पते का प्रमाण (बिजली बिल, राशन कार्ड आदि)
- व्यवसाय का पता और प्रमाण (दुकान का किराया एग्रीमेंट आदि)
- पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट / व्यवसाय की योजना
- पासपोर्ट साइज फोटो
- जाति प्रमाण पत्र (यदि SC/ST/OBC श्रेणी का लाभ लेना हो)
ऑनलाइन आवेदन की 5-स्टेप प्रक्रिया
- पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक उद्यम मित्र पोर्टल udyamimitra.in या jansamarth.in पर जाएं। ऑफलाइन के लिए नजदीकी बैंक शाखा में आवेदन फॉर्म लें।
- कैटेगरी चुनें: अपनी लोन जरूरत के हिसाब से शिशु, किशोर, तरुण या तरुण प्लस में से एक चुनें।
- फॉर्म भरें: व्यक्तिगत विवरण, व्यवसाय का विवरण और मांगी गई लोन राशि दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: आधार, पैन, पता प्रमाण, प्रोजेक्ट रिपोर्ट आदि स्कैन करके अपलोड करें।
- सबमिट करें और फॉलो-अप करें: आवेदन सबमिट करने के बाद रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें और बैंक से सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें।
ब्याज दर और शुल्क — क्या ध्यान रखें
मुद्रा लोन पर ब्याज दर बैंक तय करता है और यह RBI के MCLR मानदंडों के अनुसार होती है। शिशु कैटेगरी के लोन पर आमतौर पर कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाता। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह लोन है, सब्सिडी या अनुदान नहीं — इसे चुकाना जरूरी है। समय पर चुकौती करने पर आगे बड़ा लोन (तरुण प्लस) मिलना आसान होता है।
कर्ज की गारंटी Credit Guarantee Fund for Micro Units (CGFMU) के तहत कवर होती है, इसलिए बैंक आपसे कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखवाता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोन न चुकाने पर कोई असर नहीं होगा — डिफॉल्ट की स्थिति में आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL) खराब हो जाएगा और भविष्य में कोई बैंक लोन नहीं देगा।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
मुद्रा लोन के नाम पर कई एजेंट पैसे मांगते हैं। याद रखें:
- सरकार या बैंक लोन दिलाने के लिए कोई “प्रोसेसिंग फीस” या कमीशन नहीं मांगता (शिशु लोन पर प्रोसेसिंग शुल्क शून्य है)
- कोई भी व्यक्ति लोन की गारंटी नहीं दे सकता — मंजूरी बैंक अपने नियमों से देता है
- अपना OTP, बैंक खाता विवरण या आधार की कॉपी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें
- संदेह होने पर बैंक शाखा या आधिकारिक पोर्टल udyamimitra.in / mudra.org.in पर ही भरोसा करें
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1: क्या बिना किसी व्यवसाय के भी मुद्रा लोन मिल सकता है?
उत्तर: हां, शिशु कैटेगरी (₹50,000 तक) का लोन नया व्यवसाय शुरू करने के लिए भी मिलता है। आपको केवल व्यवसाय की स्पष्ट योजना और जरूरी दस्तावेज देने होते हैं।
प्रश्न 2: मुद्रा लोन चुकाने की अवधि कितनी होती है?
उत्तर: लोन की अवधि आम तौर पर 3 से 5 साल तक होती है, जो लोन राशि और बैंक के नियमों पर निर्भर करती है।
प्रश्न 3: क्या महिलाएं और SC/ST उद्यमी प्राथमिकता पाते हैं?
उत्तर: हां, योजना में महिलाओं, SC/ST और OBC उद्यमियों को विशेष बढ़ावा दिया जाता है। 2026 के आंकड़ों के मुताबिक कुल कर्जदारों में 67% से ज्यादा महिलाएं हैं।
प्रश्न 4: क्या खेती के लिए मुद्रा लोन मिलता है?
उत्तर: नहीं, केवल फसल की खेती के लिए मुद्रा लोन नहीं मिलता। लेकिन कृषि से जुड़ी गतिविधियों जैसे डेयरी, पोल्ट्री, फूड प्रोसेसिंग के लिए लोन मिल सकता है।
प्रश्न 5: लोन मंजूर होने में कितना समय लगता है?
उत्तर: दस्तावेज पूरे होने पर आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों में प्रक्रिया पूरी हो जाती है। अक्टूबर 2026 से शुरू वित्तीय समावेशन अभियान के दौरान बैंकों के शिविरों में आवेदन और तेज होने की उम्मीद है।
प्रश्न 6: क्या एक से ज्यादा बार मुद्रा लोन ले सकते हैं?
उत्तर: हां, पुराना लोन समय पर चुकाने के बाद आप बड़ी राशि के लिए दोबारा आवेदन कर सकते हैं। तरुण का लोन चुकाने वालों को तरुण प्लस में ₹20 लाख तक का लोन मिल सकता है।










