PM-KUSUM scheme – किसानों के लिए खेतों की सिंचाई सबसे जरूरी कामों में से एक है। लेकिन कई बार बिजली कनेक्शन की समस्या, बिजली का बढ़ता खर्च या डीजल पंप चलाने का खर्च किसानों के लिए परेशानी बन जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान यानी PM-KUSUM योजना किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
इस योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और सिंचाई के लिए सोलर पंप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे किसान अपनी जरूरत के हिसाब से सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
PM-KUSUM योजना क्या है?
PM-KUSUM केंद्र सरकार की योजना है, जिसे किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
इसके अलावा योजना के कुछ घटकों के तहत किसान अपनी जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादन से जुड़ी व्यवस्था का हिस्सा भी बन सकते हैं। योजना का एक बड़ा उद्देश्य सिंचाई में डीजल पर निर्भरता कम करना और किसानों के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना है।
सोलर पंप पर कितनी सब्सिडी मिलती है?
PM-KUSUM में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान है। आम तौर पर केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक सहायता और राज्य सरकार की ओर से भी निर्धारित हिस्सा दिया जा सकता है।
कुछ मामलों में बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। ऐसे में किसान को पूरी राशि एक साथ अपनी जेब से नहीं देनी पड़ सकती।
हालांकि, सब्सिडी की वास्तविक राशि, किसान का हिस्सा और पंप की कीमत राज्य के नियम, पंप की क्षमता और संबंधित योजना पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की आधिकारिक जानकारी जरूर देखें।
PM-KUSUM के मुख्य तीन Component
इस योजना को अलग-अलग घटकों में बांटा गया है।
Component-A: इसके तहत किसान या पात्र संस्था जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगा सकती है और नियमों के अनुसार बिजली ग्रिड को बेचने की व्यवस्था हो सकती है।
Component-B: जिन किसानों के खेतों में सामान्य बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए Standalone Solar Agriculture Pump की व्यवस्था की जाती है।
Component-C: पहले से बिजली वाले कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की व्यवस्था इसमें शामिल है। अतिरिक्त बिजली होने पर नियमों के अनुसार उसे ग्रिड को बेचने का प्रावधान भी हो सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना की पात्रता संबंधित राज्य और Component के नियमों के अनुसार तय होती है। सामान्य तौर पर आवेदक किसान होना चाहिए और उसके पास जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।
कुछ घटकों में बिजली कनेक्शन की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर देखें कि आप किस Component के लिए पात्र हैं।
कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?
आवेदन के समय सामान्य तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है—
- आधार कार्ड
- जमीन के कागजात
- किसान होने का प्रमाण
- बैंक खाते की जानकारी
- मोबाइल नंबर
- आवश्यक होने पर अन्य दस्तावेज
हर राज्य में दस्तावेजों की सूची थोड़ी अलग हो सकती है।
PM-KUSUM के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
सबसे पहले PM-KUSUM की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योजना की जानकारी देखें। इसके बाद अपने राज्य के संबंधित विभाग का पोर्टल चेक करें, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकती है।
अगर आपके राज्य में आवेदन शुरू है, तो पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार Registration करें। इसके बाद आधार, मोबाइल नंबर, बैंक और जमीन से जुड़ी जानकारी भरें।
फॉर्म Submit करने के बाद Application Number या रसीद सुरक्षित रखें। इसी के जरिए आगे आवेदन की स्थिति देखने में मदद मिल सकती है।
योजना कब तक चलेगी?
आपके दिए गए स्रोत के अनुसार योजना की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि आवेदन की उपलब्धता और अंतिम तारीख राज्य या संबंधित Component के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले Official Portal पर ताजा जानकारी जरूर जांचें।
अगर आप किसान हैं और सिंचाई के लिए बिजली या डीजल के खर्च से परेशान हैं, तो PM-KUSUM योजना आपके लिए एक विकल्प हो सकती है। सोलर पंप की मदद से सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा सकता है और पात्र किसानों को सरकारी सहायता भी मिल सकती है।
ध्यान रखें: सब्सिडी की राशि और पात्रता को लेकर अलग-अलग राज्यों में नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी एजेंट को पैसे देने से पहले अपने राज्य के आधिकारिक विभाग से जानकारी जरूर लें।










