PM Fasal Bima Yojana 2026 देश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। खरीफ 2026 की फसल बीमा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब रबी सीजन 2026-27 के लिए फसल बीमा का रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गया है। जो किसान गेहूं, चना, सरसों, जौ, मसूर या कोई भी रबी फसल उगाते हैं, वे अब अपनी फसल का बीमा सिर्फ 1.5 प्रतिशत प्रीमियम पर करा सकते हैं। बाकी का लगभग पूरा प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चुकाती हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) 18 फरवरी 2016 को शुरू हुई थी। बुआई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक के नुकसान का कवर मिलता है। 2016 से अब तक 92.46 करोड़ किसान आवेदनों का बीमा हुआ और 26.33 करोड़ किसानों को 2.06 लाख करोड़ रुपये के क्लेम मिले। अकेले 2024-25 में 4.19 करोड़ किसानों ने लाभ लिया।
रबी 2026-27 रजिस्ट्रेशन: मुख्य तारीखें
- रजिस्ट्रेशन शुरू: 15 अक्टूबर 2026
- आम अंतिम तारीख: 31 दिसंबर 2026 (अधिकतर राज्यों में)
- बिहार विशेष: बिहार में योजना रबी 2026-27 से लागू हो रही है, यहां नामांकन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगा
- खरीफ 2026: नामांकन बंद हो चुका है (अधिकतर राज्यों में कट-ऑफ 31 जुलाई 2026 थी, ओडिशा में 15 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई थी)
योजना 2026 में 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है; पश्चिम बंगाल खरीफ 2026 से दोबारा शामिल हुआ है।
सिर्फ 1.5% प्रीमियम — बाकी सरकार देगी
फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद कम प्रीमियम है:
- खरीफ फसल: बीमित राशि का 2% प्रीमियम
- रबी फसल: बीमित राशि का 1.5% प्रीमियम
- वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसल: 5% प्रीमियम
असल प्रीमियम का 95 से 98.5 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करती है, जिसे केंद्र और राज्य 50:50 के अनुपात में बांटते हैं। पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है। केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 12,200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
नया बड़ा बदलाव: जंगली जानवरों और धान के जलभराव का कवर
खरीफ 2026 से इस योजना में दो नए जोखिम जोड़े गए हैं, जिनकी मांग किसान लंबे समय से कर रहे थे:
- जंगली जानवरों का हमला: हाथी, जंगली सूअर, नीलगाय, हिरण और बंदरों से फसल को होने वाला नुकसान अब “स्थानीय जोखिम” श्रेणी के तहत पांचवां ऐड-ऑन कवर होगा। राज्य ऐसे जानवरों और संवेदनशील जिलों की सूची अधिसूचित करेंगे।
- धान की फसल में जलभराव: भारी बारिश या बाढ़ से धान की फसल डूबने पर भी अब क्लेम मिलेगा। यह कवर 2018 में हटाया गया था, जिसे अब दोबारा लागू किया गया है। तटीय और बाढ़-प्रवण राज्यों के किसानों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
इन दोनों तरह के नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर जियो-टैग फोटो के साथ देनी होगी।
कौन ले सकता है लाभ? पात्रता
- अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाला हर किसान — बटाईदार और किराए पर खेती करने वाले भी
- फसल ऋण (केसीसी) लेने वालों का बीमा बैंक के जरिए स्वतः; गैर-ऋणी किसान स्वेच्छा से आवेदन कर सकते हैं
- जमीन का वैध रिकॉर्ड या खेती का प्रमाण जरूरी
रजिस्ट्रेशन कैसे करें? 5 आसान स्टेप
- आधिकारिक पोर्टल खोलें: pmfby.gov.in पर जाएं या नजदीकी बैंक/सहकारी समिति/सीएससी केंद्र पर संपर्क करें
- आवेदन फॉर्म भरें: किसान का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और फसल-बुआई की जानकारी दर्ज करें
- दस्तावेज अपलोड करें: आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, जमीन के कागजात (खतौनी/खसरा), बुआई प्रमाण पत्र
- प्रीमियम जमा करें: बीमित राशि का 1.5% (रबी) प्रीमियम ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से जमा करें
- रसीद संभालकर रखें: आवेदन संख्या/रसीद से pmfby.gov.in पर “Application Status” में अपना स्टेटस कभी भी चेक कर सकते हैं
फसल खराब हुई तो क्लेम कैसे मिलेगा?
- फसल के नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप या हेल्पलाइन 14447 पर दें
- ऐप पर नुकसानग्रस्त खेत की जियो-टैग फोटो अपलोड करें
- बीमा कंपनी नुकसान का आकलन करेगी — तकनीक आधारित आकलन से क्लेम का निपटारा तेजी से होता है
- क्लेम की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है
- महत्वपूर्ण: क्लेम निपटाने में देरी पर बीमा कंपनी को 12% ब्याज देना अनिवार्य है
किसानों के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की पासबुक की प्रति
- जमीन के कागजात — खतौनी/खसरा/बटाईनामा
- बुआई प्रमाण पत्र (पटवारी/कृषि विभाग से)
- मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: रबी 2026-27 के लिए फसल बीमा की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर: रजिस्ट्रेशन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है; अधिकतर राज्यों में अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2026 है। बिहार में नामांकन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगा।
प्रश्न 2: रबी फसल पर कितना प्रीमियम देना होगा?
उत्तर: रबी फसल पर बीमित राशि का सिर्फ 1.5% प्रीमियम किसान देगा; बाकी केंद्र और राज्य सरकार चुकाती हैं।
प्रश्न 3: क्या जंगली जानवरों से फसल खराब होने पर क्लेम मिलेगा?
उत्तर: हां, खरीफ 2026 से जंगली जानवरों से हुए नुकसान का कवर जोड़ा गया है। 72 घंटे में क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर जियो-टैग फोटो के साथ सूचना दें।
प्रश्न 4: जिन किसानों ने फसल ऋण नहीं लिया, क्या वे भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: बिल्कुल। गैर-ऋणी किसान pmfby.gov.in पर या बैंक/सीएससी केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 5: क्लेम की राशि कब तक मिलती है और स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: आकलन के बाद राशि सीधे बैंक खाते में आती है। स्टेटस pmfby.gov.in पर “Application Status” में आवेदन संख्या से चेक करें।
प्रश्न 6: हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: टोल-फ्री हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क करें।
नोट: अपने राज्य की अधिसूचित फसल सूची और अंतिम तारीख की पुष्टि स्थानीय कृषि विभाग या बैंक से जरूर करें।










