PM Awas Yojana Gramin List – अगर आप गाँव में रहते हैं और आपके परिवार के पास अब तक पक्का घर नहीं है, तो प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, यानी PMAY-G, आपके लिए बहुत काम की योजना हो सकती है। इसमें पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए सरकार आर्थिक मदद देती है। साल 2026 में बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि नई लिस्ट में उनका नाम है या नहीं। चलिए, पूरी बात आसान भाषा में समझते हैं।
योजना क्या है और अभी चल रही है या नहीं?
PMAY-G केंद्र सरकार की ग्रामीण आवास योजना है। खासकर बेघर परिवारों और कच्चे, जर्जर घर में रहने वाले पात्र परिवारों को इससे मदद मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इसे वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक कितना काम हुआ?
दिए गए आँकड़ों के अनुसार, 3 अगस्त 2026 तक 4.18 करोड़ घरों का लक्ष्य आवंटित था। इनमें से 3.91 करोड़ घर स्वीकृत हुए और 3.12 करोड़ से ज़्यादा घर पूरे बताए गए। करीब 79 लाख स्वीकृत घर निर्माणाधीन थे। यानी काम ज़मीन पर चल रहा है।
नए पात्र परिवारों को जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। Awaas+ सूची को अपडेट करने के लिए नए सर्वे की व्यवस्था की गई है।
कितना पैसा मिलता है?
योजना के तहत सहायता कुछ इस तरह बताई गई है:
- मैदानी क्षेत्र: ₹1,20,000
- उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्र: ₹1,30,000
- शौचालय के लिए: ₹12,000
- मनरेगा मज़दूरी सहायता: 90/95 मानव-दिवस तक
ध्यान रखिए, यह रकम ज़रूरी नहीं कि एक साथ मिले। घर के निर्माण की प्रगति और सरकारी प्रक्रिया के हिसाब से पैसा किस्तों में आ सकता है। पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है और इसमें आधार आधारित भुगतान व्यवस्था का इस्तेमाल होता है।
सिर्फ़ फ़ॉर्म भरने से नाम नहीं आता
यह गलतफ़हमी बहुत लोगों को होती है। PMAY-G में लाभार्थी की पहचान सरकारी नियमों, सर्वे और सत्यापन के आधार पर होती है। पहले SECC-2011 के आवासीय वंचना और बहिष्करण मानदंड इस्तेमाल हुए थे। बाद में छूटे हुए पात्र परिवारों को पहचानने के लिए Awaas+ सर्वे का सहारा लिया गया।
इसलिए अगर अभी आपका नाम लिस्ट में नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप हमेशा के लिए बाहर हो गए। अलग-अलग राज्यों और पंचायतों में प्रक्रिया अलग चरण में हो सकती है। हाँ, अगर परिवार के पास पहले से पक्का मकान है या आप किसी आवास योजना का लाभ ले चुके हैं, तो पात्रता अलग हो सकती है। सही जानकारी के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय से पूछ लें।
लिस्ट में नाम कैसे चेक करें?
यह काम मोबाइल से भी हो सकता है, हर बार साइबर कैफ़े जाने की ज़रूरत नहीं।
- PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
- “Stakeholders” या लाभार्थी से जुड़ा विकल्प चुनें।
- “IAY/PMAY-G Beneficiary” पर जाएँ।
- अगर आपके पास Registration Number है, तो उसे डालकर खोजें।
- नंबर नहीं है, तो राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और गाँव चुनें।
- सूची खुलने पर अपना नाम और पिता या पति का नाम मिलाएँ।
- नाम मिल जाए तो स्वीकृति और आवास की स्थिति भी देखें।
एक ज़रूरी बात: लिस्ट में नाम होने का मतलब यह नहीं कि पैसा तुरंत खाते में आ जाएगा।
किस्त कब मिलेगी?
पूरे देश के लिए कोई एक तय तारीख़ नहीं बताई जा सकती। स्वीकृति, जियो-टैगिंग, घर निर्माण की स्थिति और बाकी ज़रूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किस्त जारी हो सकती है। अगर नाम स्वीकृत है लेकिन पैसा नहीं आया, तो ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या ग्रामीण विकास विभाग से भुगतान की स्थिति पूछिए।
नाम न मिले तो क्या करें?
घबराइए मत। ये कदम उठाइए:
- पहले ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड जाँचें।
- फिर पंचायत सचिव, आवास सहायक या ब्लॉक कार्यालय से जानकारी लें।
- अगर Awaas+ सर्वे कराया था, तो उसके रिकॉर्ड की स्थिति पूछें।
ठगों से सावधान
जहाँ पक्के घर की उम्मीद होती है, वहाँ ठग भी घूमते हैं। इसलिए:
- “लिस्ट में नाम जुड़वा देंगे” या “आवास पास करवा देंगे” कहने वालों को एक रुपया न दें।
- सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल और पंचायत या ब्लॉक कार्यालय पर भरोसा करें।
- OTP या बैंक की जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
PMAY-G ग्रामीण परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करने वाली योजना है, और यह वित्त वर्ष 2028-29 तक चलने वाली है। अपना नाम आधिकारिक पोर्टल पर ज़रूर जाँचिए। नाम न मिले तो परेशान न हों, पंचायत और ब्लॉक कार्यालय से अपनी पात्रता और सर्वे की स्थिति पूछिए।
अगर यह जानकारी काम की लगी, तो इसे अपने गाँव के उन परिवारों तक पहुँचाइए जो पक्के घर का इंतज़ार कर रहे हैं। आपकी एक शेयर की हुई जानकारी किसी को ठगी से बचा सकती है।











