PM Awas Yojana e-KYC 2026 – अगर आपने प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन किया है, या आपका नाम इसकी सूची में आ चुका है, तो एक काम टालिए मत: e-KYC। यह आधार से होने वाली पहचान की जांच है। इसके बिना घर की किस्त या सब्सिडी अटक सकती है। चिंता न करें, प्रक्रिया आसान है। बस यह जानना जरूरी है कि आप ग्रामीण योजना में आते हैं या शहरी में, क्योंकि दोनों का तरीका थोड़ा अलग है।
e-KYC का मतलब क्या है?
सीधी बात यह है कि सरकार आधार के जरिए पक्का करती है कि घर का फायदा सही इंसान को मिल रहा है। ग्रामीण योजना (PMAY-G) में यह Awaas+ ऐप पर चेहरा दिखाकर होता है, जबकि शहरी योजना (PMAY-U) में आवेदन भरते समय ही आधार OTP से हो जाता है।
न कराई तो क्या होगा?
- आपका नाम लाभार्थी सूची में सत्यापित नहीं माना जाएगा
- घर बनाने की अगली किस्त रुक सकती है
- पैसा सीधे बैंक खाते (DBT) में नहीं आएगा
- आवेदन को फर्जी या दोहरा मानकर रद्द भी किया जा सकता है
ग्रामीण और शहरी में फर्क
ग्रामीण योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है और इसकी e-KYC Awaas+ 2024 ऐप से होती है। शहरी योजना आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन है और इसकी e-KYC pmaymis.gov.in पोर्टल पर होती है। ग्रामीण वालों के लिए हेल्पलाइन 1800-11-6446 है, जबकि शहरी वालों के लिए 1800-11-3377।
शुरू करने से पहले ये चीजें रख लें
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा चालू मोबाइल नंबर
- आधार से जुड़ा बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता
- कैमरे वाला स्मार्टफोन और ठीक-ठाक रोशनी (ग्रामीण वालों के लिए)
- ग्रामीण आवेदकों के लिए मनरेगा जॉब कार्ड और स्वच्छ भारत मिशन का रजिस्ट्रेशन नंबर, अगर हों
- शहरी आवेदकों के लिए आय प्रमाण, पहचान और पते का कागज
ग्रामीण योजना: Awaas+ ऐप से e-KYC
यहां दो रास्ते हैं।
पहला रास्ता: खुद करें (Self-Survey)। Play Store से Awaas+ 2024 ऐप डाउनलोड करें और Self-Survey चुनें। फिर अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत भरें। इसके बाद आधार नंबर डालें और e-KYC का विकल्प चुनें। फेस ऑथेंटिकेशन में साफ रोशनी में कैमरे के सीधे सामने देखना होता है। चाहें तो आधार से जुड़े नंबर पर आए OTP से भी कर सकते हैं। e-KYC होते ही परिवार और मौजूदा घर की जानकारी भरें, घर और निर्माण वाली जगह की फोटो लें (ऐप खुद लोकेशन जोड़ देता है), और आखिर में सब जांचकर सबमिट कर दें।
दूसरा रास्ता: सर्वेयर की मदद से (Assisted Survey)। अगर फोन चलाने में दिक्कत है, तो पंचायत में तैनात सर्वेयर से मिलें। आधार और बाकी कागज साथ ले जाएं। वह अपने फोन में आपकी जानकारी भरेगा, मौके पर ही चेहरे से e-KYC करेगा और घर की फोटो भी खींचेगा। फिर डेटा सीधे सिस्टम में चला जाता है।
एक बात याद रखें: e-KYC के बाद आपकी जानकारी ग्राम सभा के सत्यापन के लिए जाती है, जहां गांव के स्तर पर आपकी पात्रता देखी जाती है।
शहरी योजना: ऑनलाइन e-KYC
शहर वालों को अलग से कुछ नहीं करना पड़ता। आवेदन भरते-भरते ही यह हो जाता है:
- pmaymis.gov.in या pmay-urban.gov.in खोलें।
- “Apply for PMAY-U 2.0” या “Citizen Assessment” पर क्लिक करें।
- अपना राज्य चुनें और परिवार की सालाना आमदनी भरें। सिस्टम खुद बता देगा कि आप किस श्रेणी के लिए पात्र हैं।
- सही श्रेणी चुनें। ध्यान रहे, बाद में इसे बदला नहीं जा सकता।
- आधार नंबर डालें और आधार से जुड़े मोबाइल पर आया OTP भरकर पुष्टि करें।
- सहमति दें, फिर निजी जानकारी, आय, संपत्ति और बैंक खाते का ब्योरा भरें।
- जरूरी कागज स्कैन करके अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
- आखिर में मिला Application ID संभालकर लिख लें, क्योंकि स्टेटस देखने में यही काम आएगा।
स्टेटस कैसे देखें?
ग्रामीण लाभार्थी awaasplus.pmayg.dord.gov.in पर जाकर Stakeholders में “IAY/PMAYG Beneficiary” चुनें, फिर रजिस्ट्रेशन या आधार नंबर डालें। यहां e-KYC की स्थिति, मंजूरी आदेश और किस्तों की जानकारी दिख जाएगी। शहरी लाभार्थी pmaymis.gov.in पर “Track Assessment Status” में एप्लीकेशन नंबर या आधार-मोबाइल से अपना आवेदन खोज सकते हैं।
अटक जाएं तो क्या करें?
- OTP नहीं आ रहा: शायद आपका नंबर आधार से जुड़ा ही नहीं है। नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर नंबर अपडेट कराएं।
- चेहरा पहचान में नहीं आ रहा: अच्छी रोशनी में, कैमरे के बिल्कुल सामने दोबारा कोशिश करें। मास्क या चश्मा हटा लें।
- आधार नंबर गलत बता रहा है: एक अंक की चूक अक्सर इसकी वजह होती है। दोबारा ध्यान से डालें।
- ऐप में सर्वे सबमिट नहीं हो रहा: इंटरनेट देखें। ऐप बिना नेट के भी चलता है और बाद में अपने-आप सिंक हो जाता है।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं है: बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग करवाएं, वरना पैसा नहीं आएगा।
e-KYC के लिए कोई फीस नहीं लगती, चाहे ऐप से कराएं या पोर्टल से। अगर कोई इसके पैसे मांगे, तो समझ लीजिए कुछ गड़बड़ है। हमेशा आधिकारिक साइट या ऐप ही इस्तेमाल करें और अपना OTP किसी को न बताएं। अपने घर का सपना किस्तों में अटके, इससे बेहतर है कि आज ही यह काम निपटा लें। और हां, अपने गांव-मोहल्ले के जिन लोगों ने आवेदन किया है, उन्हें भी बता दीजिए।











