Pink Saheli Smart Card – दिल्ली में रहने वाली महिलाओं के लिए एक जरूरी खबर है। अब तक बसों में मुफ्त सफर के लिए कागज वाला गुलाबी टिकट मिलता था, लेकिन यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो रही है। उसकी जगह अब पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड आ गया है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह कार्ड क्या है, किसे मिलेगा और कैसे बनेगा।
ताजा नियम क्या कहते हैं?
3 अक्टूबर 2026 को जारी नई अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली की निवासी महिलाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड (NCMC) से डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। यह सुविधा एसी और नॉन-एसी, दोनों तरह की बसों में मिलेगी। यही प्रावधान दिल्ली में रहने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर भी लागू है।
कागज वाले टिकट का क्या हुआ?
इसका सफर कुछ चरणों में हुआ। अगस्त 2026 में डीटीसी ने पेपर टिकट की व्यवस्था 31 अगस्त तक बढ़ाई थी। उसके बाद 1 सितंबर से स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य किया गया। फिर 3 अक्टूबर की अधिसूचना ने मुफ्त यात्रा को सीधे इसी कार्ड से जोड़ दिया। इसलिए इंटरनेट पर पुरानी तारीखों वाले लेख दिखें, तो उन्हें आज का नियम मत मानिए।
किन बसों में चलेगा?
- डीटीसी की बसें
- क्लस्टर (डिम्ट्स) बसें
- एसी बसें
- नॉन-एसी बसें
यानी यह सिर्फ साधारण नॉन-एसी बसों तक सीमित नहीं है।
कौन पात्र है?
सबसे बड़ी शर्त है दिल्ली का निवासी होना। सिर्फ दिल्ली में घूमने आने या कुछ समय रहने से कोई इस सुविधा की हकदार नहीं हो जाती। साथ ही कार्ड वैध होना चाहिए। अगर कोई महिला पात्र नहीं है, तो वह बस में बैठ सकती है, लेकिन उसे सामान्य किराया देकर टिकट लेना होगा। पात्र महिला भी चाहे तो किराया देकर टिकट ले सकती है।
कार्ड काम कैसे करता है?
यह NCMC यानी नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड पर आधारित है। बस में चढ़ते ही कंडक्टर की इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन पर कार्ड टैप कीजिए। मशीन आपकी पात्रता की पुष्टि कर लेती है और सफर मुफ्त हो जाता है। डीटीसी के दस्तावेजों के हिसाब से यह कार्ड दूसरी परिवहन सेवाओं में भी चल सकता है, पर वहां मुफ्त यात्रा अपने आप नहीं मिलती।
क्या मेट्रो में भी फ्री सफर मिलेगा?
नहीं। सिर्फ यह कार्ड होने से मेट्रो में मुफ्त यात्रा नहीं मिलती। मुफ्त सफर केवल डीटीसी और क्लस्टर बसों के लिए है। दूसरी जगह इस्तेमाल करना हो तो नियमों के अनुसार किराया देना होगा या कार्ड में पैसे डलवाने होंगे। बाद की कुछ रिपोर्टों में इसके पेमेंट या डेबिट जैसे इस्तेमाल का जिक्र भी आया है, लेकिन वह कार्ड की केवाईसी, बैंक और नेटवर्क के नियमों पर निर्भर करेगा। इसे बस के फ्री सफर से अलग समझिए।
कार्ड के लिए क्या चाहिए?
आवेदन में आम तौर पर ये चीजें काम आती हैं:
- आधार कार्ड, पहचान और सत्यापन के लिए
- मोबाइल नंबर, OTP और संपर्क के लिए
- दिल्ली का निवास प्रमाण
- फोटो, पर्सनलाइज्ड कार्ड के लिए
- पैन कार्ड आदि, जहां फुल केवाईसी वाली प्रक्रिया लागू हो
डीटीसी के पुराने दस्तावेजों में अलग-अलग कार्ड के लिए जीरो केवाईसी और फुल केवाईसी की प्रक्रिया बताई गई है। इसलिए आवेदन के वक्त डीटीसी पोर्टल या अधिकृत केंद्र पर जो सूची मिले, उसी को आखिरी मानिए।
कार्ड कैसे बनवाएं?
- डीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर पिंक सहेली कार्ड की ताजा जानकारी देखें।
- जहां ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहा हो, वहां अपनी जरूरी जानकारी भरें।
- आधार, मोबाइल और निवास से जुड़े कागज दें।
- कार्ड के प्रकार के हिसाब से केवाईसी पूरी करें।
- सत्यापन के बाद कार्ड अधिकृत वितरण केंद्र या तय माध्यम से ले लें।
- बस में चढ़ते वक्त कार्ड मशीन पर टैप करें।
डीटीसी की वेबसाइट पर पिंक कार्ड वितरण काउंटरों की जानकारी भी दी गई है। आवेदन की प्रक्रिया और केंद्र समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए जाने से पहले ताजा सूचना जरूर देख लें।
क्या कार्ड के पैसे लगेंगे?
डीटीसी के दस्तावेजों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के फ्री ट्रैवल कार्ड पर सरकार की तरफ से शुल्क न लेने की बात कही गई है। संशोधित दस्तावेज में भी जीरो केवाईसी पिंक कार्ड पर शुल्क न लगने का प्रावधान दर्ज है। फिर भी कार्ड जारी करने या बदलने की मौजूदा व्यवस्था अलग हो सकती है, इसलिए केंद्र पर शुल्क पूछ लेना ठीक रहेगा।
कार्ड न हो तो?
तब मुफ्त यात्रा नहीं मिलेगी। आपको सामान्य किराया देकर टिकट खरीदना होगा। अगस्त 2026 के डीटीसी आदेश में भी यही बात साफ की गई थी।
कार्ड के फायदे
- डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर
- एसी और नॉन-एसी, दोनों में सुविधा
- कागज के टिकट पर निर्भरता कम
- सिर्फ कार्ड टैप करके यात्रा
- डिजिटल व्यवस्था, जिसमें आगे और इस्तेमाल की गुंजाइश
अगर आप दिल्ली की निवासी हैं और रोज बस से चलती हैं, तो पिंक सहेली कार्ड बनवाने में देर मत कीजिए। इसके बिना फ्री सफर अब नहीं मिलेगा। अपनी सहेलियों, पड़ोसनों और घर की बुजुर्ग महिलाओं को भी बता दीजिए। और कार्ड बनवाने से पहले डीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर ताजा जानकारी जरूर देख लीजिए, क्योंकि नियम बदलते रहे हैं।












