Bihar Kisan Samman Nidhi 2026 बिहार के किसानों के लिए इस साल की सबसे बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। अब किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के ₹6,000 सालाना के साथ-साथ बिहार सरकार की ओर से ₹3,000 की अतिरिक्त सहायता मिलेगी — कुल ₹9,000 सालाना। बिहार बजट 2026-27 में इस योजना की औपचारिक घोषणा हो चुकी है और राज्य के लगभग 73 लाख किसानों को इसका सीधा फायदा होगा।
क्या है जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना?
बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में “जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना” शुरू करने का ऐलान किया है। यह योजना गरीब किसानों के मसीहा माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखी गई है।
इस योजना के तहत केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के ₹6,000 सालाना के ऊपर बिहार सरकार ₹3,000 सालाना का “टॉप-अप” जोड़ेगी। यह एनडीए के चुनावी घोषणापत्र के वादे को पूरा करती है — 2 नवंबर 2025 को आरा की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद ऐलान किया था कि बिहार की नई एनडीए सरकार किसानों को अतिरिक्त ₹3,000 देगी। बजट में प्रावधान करके सरकार ने इस वादे पर अमल शुरू कर दिया है।
कितना लाभ मिलेगा? पूरा हिसाब समझें
बिहार के किसानों को अब दो स्तरों से सहायता मिलेगी:
- केंद्र सरकार (पीएम किसान सम्मान निधि): ₹6,000 सालाना — हर चार महीने में ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में।
- बिहार सरकार (कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि): ₹3,000 सालाना अतिरिक्त — राज्य के बजट से सीधे लाभार्थियों के खातों में।
- कुल लाभ: ₹9,000 सालाना प्रति किसान परिवार।
खाद, बीज और कृषि उपकरणों की बढ़ती लागत से जूझ रहे छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह अतिरिक्त ₹3,000 बड़ी राहत होगी।
किसे मिलेगा इस योजना का लाभ? पात्रता शर्तें
इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो पहले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं। मुख्य शर्तें:
- किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पंजीकृत लाभार्थी हो।
- किसान बिहार का निवासी हो और उसके नाम पर कृषि योग्य भूमि हो।
- भूमि रिकॉर्ड (खतियान/रसीद) में किसान का नाम दर्ज हो।
- बैंक खाता आधार से जुड़ा हो, क्योंकि भुगतान डीबीटी से होगा।
- आयकरदाता, सेवारत/सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी (पीएम-किसान की बहिष्करण सूची वाले) बाहर रहेंगे।
अलग से आवेदन की जरूरत नहीं — लाभ अपने आप मिलेगा
किसानों के लिए सबसे राहत की बात: इस योजना के लिए कोई अलग आवेदन प्रक्रिया नहीं है। बिहार सरकार पीएम-किसान के डेटाबेस से ही पात्र लाभार्थियों की पहचान करेगी और डेटा सत्यापन के बाद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से राशि सीधे पंजीकृत बैंक खातों में भेजेगी।
न कोई फॉर्म, न दस्तावेज अपलोड, न कार्यालय के चक्कर। जब तक आपका पीएम-किसान रिकॉर्ड — बैंक खाता, आधार विवरण और भूमि रिकॉर्ड — सही और अपडेटेड है, लाभ बिना रुकावट मिलता रहेगा। सहायता के लिए अपने जिला कृषि अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
किसानों को अभी क्या करना चाहिए? ये 3 काम तुरंत निपटाएं
योजना पीएम-किसान के डेटा पर आधारित है, इसलिए रिकॉर्ड तुरंत दुरुस्त करा लें:
- ई-केवाईसी पूरी कराएं: pmkisan.gov.in पर बायोमेट्रिक या फेस-आधारित ई-केवाईसी कराएं। बिना ई-केवाईसी किस्त अटक सकती है।
- आधार-बैंक लिंकिंग: बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और डीबीटी सक्रिय हो।
- भूमि रिकॉर्ड अपडेट कराएं: खतियान/रसीद में नाम, खाता-खेसरा सही हो।
बिहार बजट 2026-27 में किसानों के लिए और क्या?
बजट में कहा गया है कि कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आय बढ़ाना प्राथमिकता है। कृषि रोडमैप-4 पर काम जारी है। कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के अलावा पशुपालन किसानों के लिए बिहार डेयरी मिशन का भी ऐलान किया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: बिहार किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
उत्तर: यह बिहार सरकार की योजना है जिसके तहत पीएम-किसान के ₹6,000 सालाना के अलावा राज्य सरकार ₹3,000 सालाना अतिरिक्त सहायता देगी। कुल लाभ ₹9,000 सालाना होगा।
प्रश्न 2: क्या इस योजना के लिए अलग से आवेदन करना होगा?
उत्तर: नहीं। जो किसान पहले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं, वे स्वतः पात्र होंगे। सरकार पीएम-किसान के डेटा से ही लाभार्थियों की पहचान करेगी।
प्रश्न 3: ₹3,000 की अतिरिक्त राशि कब मिलेगी?
उत्तर: योजना की घोषणा बिहार बजट 2026-27 में हो चुकी है। भुगतान राज्य सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा।
प्रश्न 4: योजना के नाम में “कर्पूरी ठाकुर” क्यों जोड़ा गया है?
उत्तर: यह योजना गरीब किसानों के मसीहा माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखी गई है।
प्रश्न 5: दूसरे राज्यों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा?
उत्तर: नहीं। यह सिर्फ बिहार सरकार की योजना है और इसका लाभ केवल बिहार के निवासी किसानों को ही मिलेगा।
प्रश्न 6: पैसा किस खाते में आएगा?
उत्तर: पैसा उसी बैंक खाते में डीबीटी से आएगा जो पीएम-किसान में पंजीकृत है। इसलिए खाता सक्रिय और आधार से जुड़ा होना जरूरी है।
निष्कर्ष
बिहार किसान सम्मान निधि राज्य के किसानों के लिए बड़ी सौगात है — ₹6,000 से बढ़कर ₹9,000 सालाना। जिन किसानों के रिकॉर्ड पहले से सही हैं, उन्हें कोई अतिरिक्त कागजी कार्रवाई नहीं करनी है। बस ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड दुरुस्त रखें।











