PM RAHAT Scheme 2026: सड़क हादसे में ₹1.5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज — 112 डायल करें, जानें पात्रता और पूरी प्रक्रिया

By Shreya

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PM RAHAT Scheme 2026 सड़क हादसे में घायल लोगों के लिए केंद्र सरकार की बड़ी राहत योजना है। इसके तहत सड़क दुर्घटना के शिकार किसी भी व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलता है — अस्पताल में पहले पैसे जमा करने की जरूरत नहीं होती। फरवरी 2026 में शुरू हुई यह योजना अब पूरे देश में लागू है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) मिलकर इसे चला रहे हैं। इस लेख में जानिए PM RAHAT Scheme 2026 के लाभ, पात्रता और लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया।

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PM RAHAT Scheme 2026 क्या है?

PM RAHAT का पूरा नाम है — प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट। इसका मकसद हादसे के बाद के सबसे नाजुक समय यानी “गोल्डन ऑवर” में घायल को तुरंत इलाज दिलाना है। अध्ययन बताते हैं कि चोट के पहले एक घंटे में सही इलाज मिले तो सड़क हादसों की लगभग 50 प्रतिशत रोकी जा सकने वाली मौतें टाली जा सकती हैं।

यह योजना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 162 के तहत लागू है। इसका डिजिटल ढांचा दो प्लेटफॉर्म जोड़ता है — MoRTH का eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) सिस्टम और NHA का TMS 2.0। हादसे की सूचना, पुलिस सत्यापन, अस्पताल का इलाज और भुगतान — सब इसी सिस्टम से जुड़ा है।

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PM RAHAT Scheme के मुख्य लाभ

  • ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज: हादसे की तारीख से 7 दिनों तक प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक का इलाज बिना नकद भुगतान के।
  • तुरंत स्थिरीकरण: जान को खतरा न होने पर 24 घंटे और जानलेवा चोट पर 48 घंटे तक आपातकालीन इलाज पुलिस सत्यापन के अधीन।
  • किसी भी सड़क पर लागू: सिर्फ नेशनल हाईवे नहीं — देश की किसी भी सड़क पर हुए मोटर वाहन हादसे पर लागू।
  • 112 हेल्पलाइन: एक कॉल पर एंबुलेंस और नजदीकी योजना-अस्पताल की जानकारी।
  • कोई आय सीमा नहीं: गरीब-अमीर का भेद नहीं — हर घायल व्यक्ति हकदार।

कौन ले सकता है लाभ?

योजना की पात्रता बहुत व्यापक है। वाहन का ड्राइवर, यात्री, पैदल यात्री, साइकिल सवार और राहगीर — हादसे में घायल कोई भी व्यक्ति लाभ ले सकता है। भारत में हादसे में घायल विदेशी नागरिक भी दायरे में हैं। किसी कार्ड या पहले से आवेदन की जरूरत नहीं — हादसा ही पात्रता का आधार है।

लाभ कैसे मिलेगा? — 5 आसान चरण

  1. 112 डायल करें: हादसे के तुरंत बाद 112 पर कॉल करें। घायल, परिजन या कोई भी राहगीर (राह-वीर) यह कॉल कर सकता है।
  2. पुलिस को सूचना: पुलिस हादसे को eDAR डिजिटल रिपोर्ट में दर्ज करती है — इसी से इलाज का सत्यापन होता है।
  3. सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचें: घायल को नजदीकी निर्धारित या आयुष्मान PM-JAY से जुड़े अस्पताल ले जाया जाता है।
  4. कैशलेस इलाज: डिजिटल सत्यापन के बाद ₹1.5 लाख / 7 दिन की सीमा तक इलाज — पहले कोई पैसा नहीं।
  5. भुगतान सरकार से: अस्पताल का भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड से डिजिटल माध्यम से होता है।

किन अस्पतालों में मिलेगा इलाज?

इलाज निर्धारित अस्पतालों में मिलता है, और आयुष्मान भारत PM-JAY से जुड़े अस्पताल भी मान्य हैं। योजना सिर्फ सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं — सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में भी कैशलेस सुविधा है। राज्यों में अस्पतालों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से हो रहा है, इसलिए किसी खास अस्पताल जाने से पहले उसकी सूचीबद्धता की पुष्टि कर लें।

योजना का डिजिटल सिस्टम कैसे काम करता है?

PM RAHAT पूरी तरह टेक्नोलॉजी-आधारित है। पुलिस हादसे की जानकारी eDAR प्लेटफॉर्म पर दर्ज करती है, जो NHA के TMS 2.0 सिस्टम से जुड़ता है। अस्पताल इसी सिस्टम से मरीज का सत्यापन करता है, इलाज का रिकॉर्ड रखता है और भुगतान का दावा करता है। मरीज को कागजी दौड़-धूप नहीं करनी पड़ती और अस्पताल को भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ता — पूरा लेन-देन पारदर्शी रहता है।

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एक और अहम बात — हादसे में मदद करने वाले राह-वीर (गुड समैरिटन) को कानून संरक्षण देता है। मदद करने वाले से पुलिस या अस्पताल जबरन पूछताछ नहीं कर सकते और उसकी पहचान गुप्त रखी जाती है। इसलिए हादसा देखकर रुकने से डरें नहीं — 112 पर कॉल आपकी एक कॉल किसी की जान बचा सकती है।

शिकायत कहां करें?

अगर अस्पताल योजना का लाभ देने से इनकार करे, तो हर जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति (अध्यक्ष: जिलाधिकारी) द्वारा नामित शिकायत निवारण अधिकारी शिकायत सुनता है।

महत्वपूर्ण बातें

  • यह नकद राशि वाली योजना नहीं है — ₹1.5 लाख खाते में नहीं आते, अस्पताल का बिल सरकार देती है।
  • सीमा ₹1.5 लाख और 7 दिन — जो पहले पूरी हो, वहीं लाभ समाप्त।
  • सबसे अहम कदम है हादसे के तुरंत बाद 112 पर कॉल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या ₹1.5 लाख नकद मिलते हैं?

नहीं। यह कैशलेस इलाज है — पैसा सीधे अस्पताल को जाता है।

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क्या सिर्फ नेशनल हाईवे पर लागू है?

नहीं। देश की किसी भी सड़क पर हुए मोटर वाहन हादसे पर लागू है।

क्या प्राइवेट अस्पताल में इलाज मिलेगा?

हां, अगर अस्पताल सूचीबद्ध या PM-JAY से जुड़ा है।

कितने दिन तक इलाज मिलेगा?

हादसे की तारीख से अधिकतम 7 दिन, ₹1.5 लाख की सीमा के भीतर।

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हादसे पर सबसे पहले क्या करें?

तुरंत 112 डायल करें — घायल, परिजन या कोई राहगीर कॉल कर सकता है।

क्या पहले से रजिस्ट्रेशन जरूरी है?

नहीं। किसी कार्ड की जरूरत नहीं — हादसा ही पात्रता है।

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