PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana: एक साल पूरा, गया नंबर-1 — 100 जिलों के किसानों के लिए खुशखबरी

By Shreya

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पीएम धन-धान्य कृषि योजना का एक साल: 100 जिलों की खेती में नई क्रांति

PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana ने 11 अक्टूबर 2026 को अपना एक साल पूरा कर लिया है। देश के 100 आकांक्षात्मक कृषि जिलों को बदलने के लिए शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी मिशन की समीक्षा नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में की गई। एक साल में सभी 100 जिलों के संयुक्त प्रदर्शन स्कोर में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज हुई है — अप्रैल 2026 में 18.85 रहे औसत स्कोर में अगस्त 2026 तक 28.04 अंक का सुधार हुआ और यह 46.89 तक पहुंच गया। रैंकिंग में बिहार का गया जिला पहले नंबर पर रहा, जबकि राजस्थान का नागौर दूसरे और मध्य प्रदेश का उमरिया तीसरे स्थान पर रहा। छह उद्देश्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 18 जिलों को सम्मानित भी किया गया।

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क्या है पीएम धन-धान्य कृषि योजना?

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की घोषणा बजट 2025-26 में हुई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को इसे शुरू किया। यह छह साल का जिला-केंद्रित कृषि मिशन है, जिसका मकसद कृषि में पिछड़े 100 जिलों को ऊंची उपज वाले केंद्रों में बदलना है।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका समन्वय (कन्वर्जेंस) मॉडल है — केंद्र के 36 मौजूदा कार्यक्रम, 11 मंत्रालयों/विभागों की योजनाएं, राज्य सरकारों की योजनाएं और निजी क्षेत्र की भागीदारी एक साथ। हर जिले के लिए उसकी स्थानीय समस्याओं के हिसाब से अलग जिला कार्य योजना (डीएपी) बनाई गई है।

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100 जिलों का चयन कैसे हुआ?

ये 100 जिले सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए हैं, हर राज्य से कम से कम एक जिला शामिल है। चयन के तीन मुख्य मानदंड थे:

  • कम फसल उत्पादकता — जिन जिलों में प्रति एकड़ उपज राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है।
  • कम फसल सघनता — जहां एक ही खेत से साल में कम फसलें ली जाती हैं।
  • कम कृषि ऋण वितरण — जहां किसानों तक संस्थागत कर्ज पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचता।

एक साल में क्या-क्या बदला?

पहले साल में प्रशासनिक ढांचा और जिला योजनाएं तैयार करने पर ध्यान दिया गया। अक्टूबर 2025 के आखिरी हफ्ते में डैशबोर्ड शुरू हुआ और नवंबर 2025 से मासिक रैंकिंग शुरू हो गई। कुल 121 संकेतकों (74 आउटपुट और 47 आउटकम) पर निगरानी हो रही है। सरकारी तथ्यपत्र के अनुसार, 100 जिलों का औसत स्कोर अप्रैल 2026 के 18.85 से अगस्त 2026 तक 46.89 तक पहुंचा — सिर्फ चार महीनों में 28.04 अंकों का सुधार।

गया नंबर-1: टॉप जिलों ने क्या किया?

11 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में शीर्ष जिले घोषित हुए:

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  • गया (बिहार) — पहला स्थान
  • नागौर (राजस्थान) — दूसरा स्थान
  • उमरिया (मध्य प्रदेश) — तीसरा स्थान

छह प्रमुख उद्देश्यों में बेहतर प्रदर्शन के लिए 18 जिलों को भी मान्यता मिली। कृषि मंत्री ने किसानों और एफपीओ के लिए अनुभव साझा करने के मंच भी बनाए हैं।

दूसरे साल का फोकस क्या होगा?

समीक्षा बैठक में दूसरे साल के लिए पांच प्राथमिकताएं तय की गईं:

  • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
  • फसल विविधीकरण और उच्च मूल्य वाली कृषि
  • कटाई के बाद भंडारण व कृषि-प्रसंस्करण का बुनियादी ढांचा
  • किसानों तक सस्ते कृषि ऋण की बेहतर पहुंच
  • बाजार संपर्क और मूल्य संवर्धन के लिए एफपीओ को बढ़ावा

साथ ही, खेत बचाओ अभियान 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक राज्यों में चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए उर्वरकों का संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग बढ़ाना है। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के जरिए इन जिलों को अपनाने के लिए भी कहा गया है।

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किसानों को सीधा लाभ कैसे मिलेगा?

यह प्रत्यक्ष नकद सहायता नहीं, बल्कि जिला स्तर पर कार्यक्रमों के समन्वय का तंत्र है — लाभ इन रास्तों से पहुंचेगा:

  • सिंचाई और भंडारण: जिले की जरूरत के हिसाब से तालाब, जल संचयन और गोदाम की सुविधा।
  • ऋण और बीमा: किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजनाओं की पहुंच बढ़ेगी।
  • एफपीओ से जुड़ाव: छोटे किसान समूह बनाकर सीधे बाजार में बेच सकेंगे।
  • फसल विविधीकरण: दालों और तिलहन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहन।
  • मिट्टी परीक्षण: संतुलित उर्वरक उपयोग से लागत घटेगी और उपज बढ़ेगी।

अपना जिला इसमें शामिल है या नहीं, यह जानने के लिए किसान जिला कृषि विभाग या जिलाधिकारी कार्यालय से संपर्क करें — जिले में जिला धन-धान्य कृषि योजना समिति (अध्यक्ष: जिलाधिकारी) और राज्य में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति निगरानी करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: पीएम धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार का छह साल का जिला-केंद्रित कृषि मिशन है, जो कृषि में पिछड़े 100 जिलों में उत्पादकता, सिंचाई, ऋण और भंडारण सुधारने के लिए 36 केंद्रीय योजनाओं को एक साथ जोड़ता है।

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प्रश्न 2: योजना कब शुरू हुई थी?
इसकी घोषणा बजट 2025-26 में हुई, कैबिनेट ने 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी और प्रधानमंत्री ने 11 अक्टूबर 2025 को इसे शुरू किया।

प्रश्न 3: एक साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किस जिले का रहा?
बिहार का गया जिला पहले नंबर पर रहा, जबकि राजस्थान का नागौर दूसरे और मध्य प्रदेश का उमरिया तीसरे स्थान पर रहा।

प्रश्न 4: क्या किसानों को सीधे नकद राशि मिलती है?
नहीं। यह नकद सहायता नहीं, योजनाओं के समन्वय का तंत्र है — लाभ सिंचाई, ऋण, बीमा, भंडारण और बाजार संपर्क के रूप में मिलता है।

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प्रश्न 5: खेत बचाओ अभियान क्या है?
यह 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाला मिट्टी स्वास्थ्य अभियान है, जिसमें उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया जाएगा।

प्रश्न 6: योजना की निगरानी कैसे होती है?
121 संकेतकों पर मासिक रैंकिंग नीति आयोग के पोर्टल पर जारी होती है।

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