Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana यानी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना देश की उन गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए सबसे बड़ी मातृत्व सहायता योजना है, जिनके पास प्रसव के दौरान काम छोड़ने पर आय का कोई दूसरा सहारा नहीं होता। इस योजना के तहत महिला को पहले जीवित बच्चे के जन्म पर ₹5,000 की नकद सहायता मिलती है, और अगर दूसरी संतान बेटी होती है तो एकमुश्त ₹6,000 दिए जाते हैं। यह राशि सीधे महिला के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी से भेजी जाती है।
9 अक्टूबर 2026 के सम्मेलन में सामने आए ताजा आंकड़े
महिला एवं बाल विकास विभाग के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (8-9 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली) में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की अब तक की उपलब्धियां रखी गईं। सम्मेलन के समापन सत्र में मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 4.76 करोड़ से अधिक माताओं को ₹21,800 करोड़ से ज्यादा की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
सम्मेलन में यह भी कहा गया कि आवेदन जमा करने के 30 दिनों के भीतर लाभार्थी को पैसा मिले, इसके लिए आधार फेशियल ऑथेंटिकेशन से सत्यापन और पोषण ट्रैकर के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
योजना में कितनी राशि मिलती है?
- पहला बच्चा: कुल ₹5,000 की सहायता दो किस्तों में — पहली किस्त ₹3,000 (गर्भावस्था का जल्दी पंजीयन + 6 महीने के भीतर एक प्रसव-पूर्व जांच पर) और दूसरी किस्त ₹2,000 (बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने पर)।
- दूसरी संतान अगर बेटी हो: एकमुश्त ₹6,000। यह प्रावधान बालिका जन्म को प्रोत्साहन देने और लिंगानुपात सुधारने के लिए PMMVY 2.0 के तहत जोड़ा गया है।
- राशि महिला के स्वयं के बैंक या डाकघर खाते में सीधे भेजी जाती है, जो आधार से जुड़ा होना चाहिए।
कौन-कौन ले सकती हैं इस योजना का लाभ?
- ऐसी सभी गर्भवती महिलाएं व स्तनपान कराने वाली माताएं जिनकी पहली गर्भावस्था 1 जनवरी 2017 या उसके बाद हुई हो (तारीख MCP कार्ड की LMP तिथि से मानी जाती है)।
- लाभ केवल पहले जीवित बच्चे के लिए एक बार मिलता है। पहली गर्भावस्था में गर्भपात होने पर भविष्य की गर्भावस्था में बची किस्तों का दावा हो सकता है।
- पति के आधार की अनिवार्यता हटाई जा चुकी है — बिना पति के आधार के भी आवेदन हो सकता है।
इन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ
- संगठित क्षेत्र की वे महिलाएं जिन्हें मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत पहले से मातृत्व अवकाश मिलता है।
- किसी अन्य योजना से ऐसा ही मातृत्व लाभ पा रही महिलाएं।
- तेलंगाना में यह योजना लागू नहीं (अपनी अलग योजना); ओडिशा में MAMATA योजना के साथ मिलकर MAMATA-PMMVY के रूप में चलती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- महिला का आधार कार्ड
- MCP (मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन) कार्ड
- बैंक या डाकघर पासबुक की प्रति (आधार से जुड़ा खाता)
- मोबाइल नंबर
- दूसरी संतान बालिका के लिए बच्चे के जन्म का प्रमाण
आवेदन कैसे करें — 5 आसान स्टेप
- आंगनवाड़ी केंद्र जाएं: नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सुविधा केंद्र से निःशुल्क आवेदन फॉर्म लें।
- फॉर्म भरें: सही किस्त के अनुसार फॉर्म 1-A, 1-B या 1-C भरें (हर किस्त के दावे के लिए अलग फॉर्म)।
- दस्तावेज लगाएं: आधार, MCP कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति और मोबाइल नंबर सहित सभी दस्तावेज संलग्न करें।
- फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म उसी आंगनवाड़ी केंद्र में जमा करें।
- स्थिति ट्रैक करें: योजना की सर्च-एंड-ट्रैक सुविधा से अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति ऑनलाइन देखती रहें। 30 दिन में पैसा न आए तो शिकायत दर्ज करें।
योजना की खास बातें जो हर महिला को जाननी चाहिए
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा 4 के तहत चलती है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है (केंद्र-राज्य लागत बंटवारा 60:40; पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 90:10) और 1 अप्रैल 2022 से मिशन शक्ति के तहत PMMVY 2.0 के रूप में संचालित है। इसका मकसद गर्भावस्था व प्रसव के बाद महिलाओं के वेतन-हानि की आंशिक भरपाई और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कुल कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: पहले बच्चे पर कुल ₹5,000 (₹3,000 + ₹2,000 की दो किस्तों में) और दूसरी संतान बेटी होने पर एकमुश्त ₹6,000।
प्रश्न 2: क्या कामकाजी महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं?
उत्तर: हां, बशर्ते उन्हें अपने नियोक्ता से मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत मातृत्व अवकाश का लाभ न मिल रहा हो। संगठित क्षेत्र की वैसी महिलाएं जो पहले से मातृत्व लाभ पा रही हैं, इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
प्रश्न 3: आवेदन कहां जमा करना होता है?
उत्तर: नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में। फॉर्म निःशुल्क मिलते हैं।
प्रश्न 4: पैसा खाते में आने में कितना समय लगता है?
उत्तर: सरकार का लक्ष्य है कि आवेदन जमा करने के 30 दिनों के भीतर राशि लाभार्थी के खाते में पहुंच जाए। देरी हो तो तीन स्तरीय शिकायत व्यवस्था में शिकायत दर्ज की जा सकती है।
प्रश्न 5: क्या इस योजना के लिए पति का आधार जरूरी है?
उत्तर: नहीं। PMMVY 2.0 में पति के आधार की अनिवार्य शर्त हटा दी गई है, जिससे आवेदन की प्रक्रिया आसान हो गई है।
प्रश्न 6: अगर आवेदन खारिज हो जाए या पैसा न आए तो क्या करें?
उत्तर: योजना की सर्च-एंड-ट्रैक सुविधा से आवेदन की स्थिति जांचें और जरूरी हो तो संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र या जिला कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क करें।
स्रोत: महिला एवं बाल विकास विभाग का राष्ट्रीय सम्मेलन (9 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली); योजना विवरण — sarkariyojana.com (अपडेट 20 अक्टूबर 2026)।










