Kanya Sumangala Yojana: बेटी के जन्म से पढ़ाई तक ₹25,000 और शादी पर ₹1 लाख — योगी सरकार का नवरात्रि में बड़ा बयान
Kanya Sumangala Yojana उत्तर प्रदेश सरकार की वह योजना है जो बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक हर अहम मोड़ पर परिवार की मदद करती है। शारदीय नवरात्रि की नवमी (19 अक्टूबर 2026) पर गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कन्या सुमंगला योजना के तहत राज्य सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा के अलग-अलग चरणों तक कुल ₹25,000 की आर्थिक सहायता देती है, और विवाह योग्य उम्र पर पहुंचने पर बेटी की शादी के लिए ₹1 लाख की सहायता भी दी जाती है। मिशन शक्ति और नवरात्रि की कन्या-पूजन परंपरा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
गोरखनाथ मंदिर में महानवमी के कन्या-पूजन और भंडारे में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की रस्में सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शासन और प्रशासन के कामकाज में भी झलकती हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत राज्य सरकार बेटी के जन्म से उसकी शिक्षा के विभिन्न चरणों तक परिवार को ₹25,000 की आर्थिक सहायता देती है। जब बेटी विवाह योग्य उम्र पर पहुंचती है, तो सरकार उसकी शादी के लिए ₹1 लाख की सहायता देती है।” उन्होंने यह भी बताया कि हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है और 1090 महिला हेल्पलाइन सक्रिय है, ताकि महिलाओं की शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की बेटी-केंद्रित फ्लैगशिप योजना है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। इसका मकसद बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन देना, लिंगानुपात सुधारना, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और स्कूल छोड़ने की दर घटाना है। शुरुआत में यह राशि ₹15,000 थी, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया। 2025 तक लगभग 10 लाख परिवार इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
6 चरणों में ₹25,000 — कब-कब मिलेंगे पैसे
यह राशि एक साथ नहीं, बल्कि बेटी के जीवन के 6 अहम चरणों में सीधे बैंक खाते में (DBT) भेजी जाती है:
| चरण | मौका | राशि |
|---|---|---|
| पहली किस्त | बेटी के जन्म पर (जन्म पंजीकरण के साथ) | ₹5,000 |
| दूसरी किस्त | एक साल की उम्र में पूरा टीकाकरण होने पर | ₹2,000 |
| तीसरी किस्त | कक्षा 1 में दाखिले पर | ₹3,000 |
| चौथी किस्त | कक्षा 6 में दाखिले पर | ₹3,000 |
| पांचवीं किस्त | कक्षा 9 में दाखिले पर | ₹5,000 |
| छठी किस्त | 10वीं/12वीं पास कर स्नातक या डिप्लोमा कोर्स में दाखिले पर | ₹7,000 |
सभी छह शर्तें समय पर पूरी होने पर परिवार को कुल ₹25,000 की सहायता मिलती है। अगर बेटी 18 साल से कम उम्र की है, तो पैसा मां या अभिभावक के आधार-लिंक्ड खाते में भेजा जाता है।
शादी पर ₹1 लाख की सहायता कैसे मिलती है
मुख्यमंत्री के मुताबिक, विवाह योग्य उम्र पर बेटी की शादी के लिए सरकार ₹1 लाख की मदद देती है। यह सहायता मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दी जाती है, जिसमें कुल ₹1 लाख के पैकेज में से ₹60,000 बेटी के बैंक खाते में सीधे जमा किए जाते हैं, ₹25,000 शादी के उपहार/सामान के लिए और ₹15,000 आयोजन खर्च के रूप में खर्च किए जाते हैं। इस तरह गरीब परिवारों की बेटियों की शादी का बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।
कौन उठा सकता है लाभ — पात्रता शर्तें
- परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो।
- परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से ज्यादा न हो।
- बेटी का जन्म 1 अप्रैल 2019 को या उसके बाद हुआ हो।
- एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं (जुड़वां बेटियों या गोद ली गई बेटी के मामलों में छूट है)।
- आवेदन के समय बेटी की उम्र 6 महीने से ज्यादा न हो (पहली किस्त के लिए)।
- बेटी के पास आधार कार्ड और आधार-लिंक्ड बैंक खाता होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र
- बेटी और माता-पिता/अभिभावक का आधार कार्ड
- उत्तर प्रदेश के निवास का प्रमाण
- परिवार का आय प्रमाण पत्र (₹3 लाख तक)
- आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण
- बेटी की पासपोर्ट साइज फोटो और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- हर चरण के लिए चरण-विशिष्ट दस्तावेज (टीकाकरण कार्ड, स्कूल प्रवेश प्रमाण आदि)
आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
- आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर जाएं और “नया पंजीकरण” पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर, नाम और जिले की जानकारी भरकर OTP से सत्यापन करें — आपकी लॉगिन ID बन जाएगी।
- लॉगिन करके बेटी का आवेदन फॉर्म भरें और मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ही रजिस्ट्रेशन नंबर और OTP से चेक की जा सकती है।
- जांच के बाद सहायता राशि DBT के जरिए सीधे खाते में भेज दी जाती है।
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, लेकिन जरूरत पड़ने पर जिले के महिला एवं बाल विकास कार्यालय या CSC केंद्र से भी मदद ली जा सकती है।
इन बातों का खास ध्यान रखें
- किस्तें तभी जारी होंगी जब बेटी नियमित पढ़ाई में हो और शादी से पहले वाली शर्तें पूरी हों — इसलिए स्कूल में दाखिला और उपस्थिति बनाए रखें।
- बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है; नहीं तो पैसा अटक सकता है।
- आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर ही करें — किसी एजेंट या फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं, क्योंकि यह योजना पूरी तरह मुफ्त है।
- हर चरण के लिए समय पर आवेदन करें; पिछली किस्त छूट गई तो आगे की प्रक्रिया में दिक्कत हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: कन्या सुमंगला योजना में कुल कितनी राशि मिलती है?
उत्तर: बेटी के जन्म से उच्च शिक्षा तक 6 चरणों में कुल ₹25,000 की सहायता मिलती है।
प्रश्न: क्या दो से ज्यादा बेटियों वाले परिवार को लाभ मिलेगा?
उत्तर: सामान्यतः एक परिवार की दो बेटियों को ही लाभ मिलता है, लेकिन जुड़वां बेटियों या गोद ली बेटी के मामलों में छूट दी गई है।
प्रश्न: परिवार की आय सीमा क्या है?
उत्तर: परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
प्रश्न: पैसा किसके खाते में आता है?
उत्तर: राशि DBT के जरिए सीधे खाते में आती है — बेटी 18 साल से कम है तो मां/अभिभावक के आधार-लिंक्ड खाते में।
प्रश्न: शादी के ₹1 लाख के लिए कहां आवेदन करें?
उत्तर: यह सहायता मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलती है; जिले के समाज कल्याण कार्यालय या उसी योजना के पोर्टल से आवेदन किया जा सकता है।
निष्कर्ष
शारदीय नवरात्रि की नवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों के जन्म, शिक्षा और शादी — तीनों मोर्चों पर परिवारों के साथ खड़ी है। कन्या सुमंगला योजना की ₹25,000 की चरणबद्ध सहायता और शादी पर ₹1 लाख की मदद से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा सहारा मिलता है। अगर आपकी बेटी पात्र है, तो आज ही mksy.up.gov.in पर पंजीकरण कराएं और हर चरण की किस्त समय पर पाएं।











