Samarth 2.0 Yojana 2026 को लेकर देश के करोड़ों कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र के कामगारों के लिए बड़ी खबर आई है। केंद्र सरकार अगले पांच सालों में इस क्षेत्र के लिए ₹25,000 करोड़ के स्किलिंग प्लान पर विचार कर रही है। वस्त्र मंत्रालय का प्रस्ताव व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) ने जांच लिया है और जल्द ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। कृषि के बाद कपड़ा क्षेत्र देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र है, जिसमें 4.5 करोड़ से ज्यादा लोग काम करते हैं और 10 करोड़ से ज्यादा लोगों की आजीविका इससे जुड़ी है — इनमें अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं हैं।
क्या है बड़ी खबर?
सरकार श्रम-गहन टेक्सटाइल और गारमेंट क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों में ₹25,000 करोड़ का कौशल विकास (स्किलिंग) कार्यक्रम लाने की तैयारी में है। इस कार्यक्रम का नाम समर्थ 2.0 (Samarth 2.0) होगा, जिसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में पहले ही की जा चुकी है। इसका उद्देश्य उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच करीबी सहयोग से मौजूदा स्किलिंग ढांचे को आधुनिक बनाना और कामगारों को नई तकनीक और उद्योग की बदलती जरूरतों के लिए तैयार करना है।
मौजूदा समर्थन 1.0 योजना के तहत मार्च 2026 तक के पांच वर्षों में सिर्फ ₹740 करोड़ खर्च हुए थे, जबकि चालू वित्त वर्ष के लिए ₹300 करोड़ का आवंटन है। यानी Samarth 2.0 का प्रस्तावित बजट वर्तमान व्यवस्था से कई गुना बड़ा है। दो जानकार सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, उद्योग भागीदारों, शैक्षणिक संस्थानों और क्षेत्र की अन्य संस्थाओं के जरिए यह कार्यक्रम कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू किया जाएगा।
Samarth 1.0 क्या था?
समर्थ 1.0 योजना 2017 में शुरू हुई थी। इसमें कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र (संगठित कताई और बुनाई खंड को छोड़कर) में नए कामगारों को शुरुआती प्रशिक्षण के साथ-साथ मौजूदा कामगारों का अपस्किलिंग और रीस्किलिंग भी शामिल है। इसे टेक्सटाइल उद्योग संगठनों, राज्य सरकार की एजेंसियों और मंत्रालय के अधीन संस्थानों के माध्यम से लागू किया गया।
- 16 अक्टूबर तक शुरुआती स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 4,614 प्रशिक्षण केंद्रों और 323 भागीदार संस्थाओं के जरिए 7,38,182 कामगारों को प्रशिक्षण दिया गया।
- अपस्किलिंग और रीस्किलिंग कार्यक्रम के तहत 168 सक्रिय प्रशिक्षण केंद्रों और 33 भागीदार संस्थाओं के जरिए 26,786 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया।
- यह आंकड़े वस्त्र मंत्रालय के आधिकारिक समर्थ डैशबोर्ड से लिए गए हैं।
Samarth 2.0 में क्या-क्या मिलेगा?
हालांकि कैबिनेट की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है, लेकिन बजट और मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार Samarth 2.0 में इन बातों पर जोर रहेगा:
- उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण: क्लासरूम की बजाय फैक्ट्री की असल जरूरतों के मुताबिक स्किल — सिलाई, कढ़ाई, गुणवत्ता जांच, मशीन संचालन और नई तकनीक का ज्ञान।
- अकादमिक साझेदारी: प्रशिक्षण संस्थानों और निर्यातकों के बीच सीधा तालमेल, ताकि प्रशिक्षित कामगार तुरंत रोजगार पा सकें।
- महिलाओं और ग्रामीण युवाओं पर फोकस: क्षेत्र की ज्यादातर कामगार ग्रामीण महिलाएं हैं — उनके लिए बड़े अवसर।
- अन्य उपायों का साथ: मेगा टेक्सटाइल पार्क, मशीनरी के लिए पूंजी सहायता और पारंपरिक क्लस्टरों में तकनीकी उन्नयन — इन सबके साथ स्किलिंग का मेल।
क्यों है यह योजना इतनी अहम?
भारत अपने टेक्सटाइल और गारमेंट निर्यात को 2030 तक बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करना चाहता है। इसके लिए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का पूरा फायदा उठाने की योजना है। ब्रिटेन के साथ FTA इस साल लागू हो गया है और यूरोपीय संघ (EU) के साथ समझौता 2027 की शुरुआत से लागू होगा — दोनों मिलकर अमेरिका के बाद भारत का सबसे बड़ा बाजार हैं। FTA लागू होने के बाद प्रशिक्षित कामगारों की मांग तेजी से बढ़ेगी, इसलिए अभी से स्किलिंग की तैयारी जरूरी है।
कौन लाभ उठा सकता है और कैसे?
यह कार्यक्रम अभी प्रस्तावित चरण में है — कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की अंतिम जानकारी घोषित होगी। हालांकि Samarth 1.0 के अनुभव से उम्मीद है कि:
- कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र में काम करने वाले या काम सीखने इच्छुक युवा पात्र होंगे।
- ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं, जिनकी आजीविका इस क्षेत्र से जुड़ी है, प्रमुख लाभार्थी होंगी।
- आवेदन नजदीकी प्रशिक्षण केंद्रों या वस्त्र मंत्रालय के आधिकारिक समर्थ पोर्टल के जरिए होगा।
- प्रशिक्षण आमतौर पर मुफ्त होता है और प्रमाणपत्र भी दिया जाता है।
जरूरी चेतावनी: सोशल मीडिया पर इस योजना के नाम पर किसी भी फर्जी वेबसाइट या शुल्क मांगने वाले संदेश पर भरोसा न करें। कैबिनेट मंजूरी के बाद पंजीकरण शुरू होगा; केवल सरकारी पोर्टल और आधिकारिक घोषणाओं का ही पालन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: Samarth 2.0 योजना क्या है?
उत्तर: यह केंद्र सरकार का प्रस्तावित ₹25,000 करोड़ का स्किलिंग कार्यक्रम है, जो कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र के कामगारों को उद्योग की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षण देगा। इसकी घोषणा बजट 2026-27 में हुई थी।
प्रश्न 2: क्या Samarth 2.0 को अंतिम मंजूरी मिल गई है?
उत्तर: नहीं। प्रस्ताव व्यय वित्त समिति से गुजर चुका है और जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। अंतिम मंजूरी के बाद ही कार्यक्रम शुरू होगा।
प्रश्न 3: इस योजना से किन्हें फायदा मिलेगा?
उत्तर: कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों, ग्रामीण युवाओं और खासकर महिलाओं को — यह क्षेत्र कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार देता है।
प्रश्न 4: Samarth 1.0 में अब तक कितने लोगों को प्रशिक्षण मिला?
उत्तर: 16 अक्टूबर तक शुरुआती स्तर पर 7,38,182 और अपस्किलिंग/रीस्किलिंग में 26,786 लोगों को प्रशिक्षित किया गया।
प्रश्न 5: आवेदन कब और कैसे शुरू होगा?
उत्तर: कैबिनेट मंजूरी के बाद आवेदन प्रक्रिया की घोषणा होगी। उम्मीद है कि नजदीकी प्रशिक्षण केंद्रों या आधिकारिक समर्थ पोर्टल के जरिए पंजीकरण होगा। फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें।











