NSP Scholarship 2026-27 – अगर आप या आपके घर का कोई बच्चा स्कूल-कॉलेज में पढ़ रहा है, तो राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल यानी NSP आपके काम की चीज है। सत्र 2026-27 के लिए आवेदन 1 जून 2026 से चल रहे हैं। इसलिए बिना देर किए समझ लेते हैं कि क्या करना है और कैसे।
सबसे पहले जरूरी तारीख
ज्यादातर योजनाओं में आवेदन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। हालांकि कुछ योजनाओं की तारीख अलग हो सकती है, इसलिए अपनी योजना की तारीख पोर्टल पर जरूर देख लें। आखिरी दिनों में भीड़ बढ़ जाती है और साइट धीमी चलती है, इसलिए काम जल्दी निपटा लें।
NSP है क्या?
यह भारत सरकार का एक ही ऑनलाइन मंच है, जहां केंद्र और राज्य की कई छात्रवृत्तियां मिलती हैं। इनमें पढ़ाई में अच्छे बच्चों के लिए मेरिट वाली योजनाएं भी हैं और जरूरतमंदों के लिए कल्याण वाली भी। कक्षा 1 से लेकर पीएचडी तक के विद्यार्थी अपनी पात्रता के हिसाब से आवेदन कर सकते हैं। पैसा DBT से सीधे बैंक खाते में आता है। आवेदन के लिए कोई फीस नहीं लगती।
कौन-कौन सी छात्रवृत्तियां हैं?
- प्री-मैट्रिक: कक्षा 1 से 10 तक के पात्र बच्चे
- पोस्ट-मैट्रिक: कक्षा 11 से उच्च शिक्षा तक
- NMMS: आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थी
- अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति: पात्र अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे
- दिव्यांग छात्रवृत्ति: दिव्यांग विद्यार्थी
- केंद्रीय योजनाएं: जैसे PM Yashasvi, योजना की शर्तों के अनुसार
पात्रता की मोटी-मोटी बातें
आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए। सालाना आमदनी की सीमा हर योजना में अलग होती है। पिछली कक्षा में प्रदर्शन ठीक होना चाहिए, यानी आमतौर पर 50 या 55 प्रतिशत से ऊपर अंक। कल्याण वाली योजनाओं में SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग को प्राथमिकता मिलती है, जबकि मेरिट वाली योजनाओं में सभी पात्र बच्चे आवेदन कर सकते हैं।
कागज जो पहले से रख लें
- आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- पहचान पत्र
- बैंक पासबुक
- आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र
- पिछली और मौजूदा कक्षा की मार्कशीट
- पासपोर्ट साइज फोटो
- Android 9.0 या उससे ऊपर वाला स्मार्टफोन, फेस ऑथेंटिकेशन के लिए
नया नियम: OTR बनवाना जरूरी
इस सत्र में OTR यानी वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। यह 14 अंकों की खास आईडी होती है, जो आधार वेरिफिकेशन और चेहरे की पहचान के बाद बनती है। एक बार बन गई तो पूरी पढ़ाई के दौरान चलती है, यानी हर साल नया रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता। नए और पुराने, दोनों तरह के आवेदकों को इसकी जरूरत है। बिना OTR के आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
एक बात ध्यान रखिए: सिर्फ OTR बना लेना आवेदन नहीं है। उसके बाद छात्रवृत्ति का फॉर्म अलग से भरना होता है।
OTR कैसे बनाएं?
- Play Store से NSP OTR ऐप और Aadhaar Face RD ऐप डाउनलोड करें।
- NSP OTR ऐप खोलकर “Apply for OTR” दबाएं।
- 12 अंकों का आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सही-सही भरें।
- SMS से आया रेफरेंस नंबर या OTP डालकर आगे बढ़ें।
- UIDAI की सहमति दें और फेस ऑथेंटिकेशन चुनें।
- अच्छी रोशनी में चेहरा फ्रेम में रखें और निर्देश के मुताबिक पलकें झपकाएं।
- चेहरा मैच होते ही आधार की जानकारी अपने आप भर जाएगी। उसे जांचकर “Generate OTR” दबाएं।
- 14 अंकों का OTR नंबर मोबाइल पर आ जाएगा। इसे संभालकर रखें।
फोन की सुविधा न हो तो नजदीकी CSC केंद्र पर फिंगरप्रिंट से भी यह काम हो सकता है।
छात्रवृत्ति का फॉर्म कैसे भरें?
- scholarships.gov.in खोलें।
- OTR नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- प्रोफाइल बनाएं और उसमें दी गई जानकारी जांच लें।
- अपनी स्थिति के अनुसार Fresh यानी नया आवेदन या Renewal यानी नवीनीकरण चुनें।
- पात्रता वाली छात्रवृत्ति चुनकर पढ़ाई, पारिवारिक आय, बैंक खाते और संस्थान की जानकारी भरें।
- जरूरी कागज साफ स्कैन करके सही आकार में अपलोड करें।
- सब कुछ दोबारा देखकर Final Submit करें और प्रिंट या PDF संभाल लें।
आवेदन के बाद स्कूल या कॉलेज अपने स्तर पर सत्यापन करता है। कई मामलों में संस्थान की आखिरी तारीख नवंबर 2026 के बीच तक रहती है। इसलिए अपने संस्थान से पूछते रहिए कि आपका फॉर्म वेरिफाई हुआ या नहीं।
बैंक खाते की जांच जरूर करें
पैसा तभी आएगा जब खाते की KYC पूरी हो और DBT चालू हो, यानी आधार सीडिंग हो चुकी हो। खाता आधार और मोबाइल, दोनों से जुड़ा हो। साथ ही खाते पर कोई होल्ड या फ्रीज न लगा हो। लगा हो तो बैंक जाकर हटवाइए।
स्टेटस कैसे देखें?
पोर्टल पर “Check Your Application Status” चुनिए। Application ID या OTR नंबर, जन्मतिथि और पासवर्ड भरिए, कैप्चा डालिए और Submit कीजिए। आवेदन की ताजा स्थिति सामने आ जाएगी।
पैसा कब आएगा?
यह इस पर निर्भर है कि आवेदन का सत्यापन और मंजूरी कब होती है। आमतौर पर रकम जनवरी या फरवरी के आसपास खातों में भेजी जा सकती है।
कागज तैयार रखिए, पहले OTR बनवाइए और फिर फॉर्म भरिए। 31 अक्टूबर का इंतजार मत कीजिए। अपने आसपास के विद्यार्थियों को भी बताइए, ताकि कोई हकदार बच्चा छात्रवृत्ति से छूट न जाए।












