LPG New Rates – देशभर के करोड़ों परिवारों के लिए रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर महज एक ईंधन नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी की एक अनिवार्य ज़रूरत बन चुकी है। सुबह की पहली चाय हो या रात का भोजन — गैस चूल्हे के बिना घर की रसोई की कल्पना भी मुश्किल है। ऐसे में जब भी सिलेंडर के दामों में ज़रा-सा भी उतार-चढ़ाव आता है, तो उसकी चोट सीधे घर के मासिक बजट पर पड़ती है।
कैसे तय होती हैं एलपीजी की कीमतें?
देश में एलपीजी सिलेंडर के दाम तय करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों — इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) — के पास होती है।
ये कंपनियां हर माह की शुरुआत में गैस की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इस समीक्षा में मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है:
- अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें — वैश्विक बाज़ार में तेल के दाम घटते-बढ़ते रहते हैं, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति — यदि रुपया कमज़ोर होता है तो आयात महंगा होता है और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- परिवहन और वितरण लागत — देश के दूरदराज़ इलाकों तक गैस पहुंचाने की लागत भी अंतिम मूल्य निर्धारण में भूमिका निभाती है।
घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर — क्या है फ़र्क?
बाज़ार में मुख्य रूप से दो प्रकार के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध होते हैं। 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर आम परिवारों की रसोई के लिए होता है और इस पर सरकार आंशिक सब्सिडी का लाभ देती है। वहीं 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर होटल, ढाबों, रेस्तरां और अन्य खाद्य व्यवसायों के लिए होता है, जिस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलती। यही कारण है कि व्यावसायिक सिलेंडर हमेशा घरेलू सिलेंडर से कहीं अधिक महंगा होता है।
मार्च 2026 में प्रमुख शहरों में घरेलू गैस के दाम
मार्च 2026 में देश के बड़े शहरों में 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर की अनुमानित कीमतें इस प्रकार हैं:
| शहर | अनुमानित कीमत (₹) |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹853 |
| मुंबई | ₹852.50 |
| कोलकाता | ₹879 |
| चेन्नई | ₹868.50 |
फिलहाल इन शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर बने हुए हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर स्थानीय कर, वैट और परिवहन खर्च की वजह से होता है।
व्यावसायिक सिलेंडर हुआ थोड़ा सस्ता, व्यापारियों को राहत
हाल ही में 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई है। इस राहत का सीधा फायदा छोटे होटलों, ढाबों और खाद्य व्यवसायों से जुड़े लोगों को मिला है। जब व्यावसायिक गैस सस्ती होती है, तो खाना पकाने की परिचालन लागत घटती है — जिसका अप्रत्यक्ष असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। यानी आम उपभोक्ता को भी परोक्ष रूप से इसका लाभ मिल सकता है।
आगे क्या? विशेषज्ञों की राय
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतें इसी तरह संतुलित बनी रहती हैं, तो निकट भविष्य में घरेलू गैस के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम नज़र आती है। सरकार भी समय-समय पर सब्सिडी और उज्ज्वला योजना जैसे कार्यक्रमों के ज़रिये कमज़ोर वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश करती रही है। बहरहाल, वैश्विक परिस्थितियों और घरेलू नीतियों के मद्देनज़र दाम बदल सकते हैं, इसलिए उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की ज़रूरत है।
संक्षेप में
मार्च 2026 में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं, जो आम परिवारों के लिए सुकून की खबर है। व्यावसायिक सिलेंडर में आई मामूली कमी से खाद्य व्यवसायों को भी राहत मिली है। आने वाले महीनों में कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की चाल और सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगा। उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे अपनी तेल विपणन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के ज़रिये अपने शहर की सटीक और अद्यतन कीमत की जांच अवश्य करें।








